Money Laundering Case: रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम मामले में ईडी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट ने स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल किया है. ईडी ने डीएलएफ की भूमिका पर यह स्टेट्स रिपोर्ट दायर किया है. ईडी ने कहा कि शिकोहपुर भूमि सौदे से संबंधित जांच पूरी करने के लिए कोर्ट से 3 सप्ताह की समय की मांग की. कोर्ट ने ईडी को समय देते हुए ईडी से दस्तावेज मुहैया कराने को कहा है. कोर्ट 23 सितंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
नियमों और शर्तों को दरकिनार कर लाइसेंस जारी
पिछली सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा दावा किया था कि स्काईलाइट ने वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस ऊपरी दबाव में प्राप्त किया गया. ईडी ने कहा था कि लाइसेंस की फाइलें जल्दबाजी में प्रोसेस की गई और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच नहीं कि गई. नियमों और शर्तों को दरकिनार कर यह लाइसेंस जारी किया गया. ईडी ने उन अधिकारियों के बारे में कोर्ट को जानकारी दी जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है. ईडी ने दावा किया है कि वाड्रा की कंपनी ने डीएलएफ के साथ सहयोग कर अपराध से प्राप्त धन की तीसरी परत तैयार की. ईडी के मुताबिक चार किश्तों में धन प्राप्त किया गया.
42.62 करोड़ की राशि अवैध
ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया था कि वाड्रा के स्वामित्व वाली कम्पनियों द्वारा प्राप्त 42.62 करोड़ की राशि अवैध कमाई है, जिसे दिल्ली में लेयरिंग किया गया. इसलिए यह अदालत के क्षेत्राधिकार का मामला बनता है. चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 आरोपियों के नाम है. यह मामला साल 2008 में खरीदी गई जमीन घोटाले से जुड़ा है. वाड्रा पर आरोप है कि कंपनी में सिर्फ एक लाख रुपये की जमीन सौदा किया था.
इसी मामले में ईडी ने वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी जांच एजेंसी ने आपराधिक मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी संस्थाओं से जुडी 37.64 करोड़ रुपए की 43 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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