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एनआईए चार्जशीट से हटी UAPA की धाराएं, अमेरिका और यूक्रेन लौट सकेंगे म्यांमार मामले के आरोपी

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को बरी कर स्वदेश लौटने की इजाजत दे दी है. एनआईए ने अपनी चार्जशीट से यूएपीए की धाराएं हटा दी थीं.

Rouse Avenue Court Allows US Ukrainian Nationals in Myanmar Camp Case to Return Home
Edited by Vaibhav Gupta

Myanmar Training Camp Case:  दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तार किए गए सभी 7 विदेशी नागरिकों को उनके अपने-अपने देश (अमेरिका और यूक्रेन) जाने की अनुमति दे दी है. मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों का ही विस्तार है.

अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 21 और 23 के तहत बरी कर दिया है.

FRRO ने जुर्माना लगाकर कंपाउंड किए थे अपराध

इससे पहले फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 18 सितंबर को इन सभी विदेशी नागरिकों पर 5.5-5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर उनके अपराधों को कंपाउंड कर दिया था.

कोर्ट से राहत पाने वाले यूक्रेनी नागरिकों में कामिस्की विक्टर, हुर्बा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकीव मारियान और होंचारुक मैक्सिम शामिल हैं. इनके साथ ही अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक को भी अमेरिका लौटने की अनुमति मिल गई है.

चार्जशीट से हटाई गईं UAPA की धाराएं

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा हाल ही में दाखिल की गई चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए (UAPA) की धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं. शुरुआत में एनआईए ने मार्च 2026 में इन सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर यूएपीए की धारा 18 समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था.

हालांकि, अंतिम चार्जशीट में केवल आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम के तहत भारत में अवैध प्रवेश और ठहरने के आरोप ही लगाए गए.

म्यांमार ड्रोन हमले से तार जुड़ने का आरोप

एनआईए ने पूर्व में अदालत को बताया था कि इन विदेशी नागरिकों के म्यांमार में एक नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले और वहां सक्रिय सशस्त्र जातीय समूहों के साथ गहरे संबंध होने के संकेत मिले थे. 19 अगस्त को दायर अर्जी के बाद कोर्ट ने एनआईए को जेल में इनसे पूछताछ की इजाजत भी दी थी.

दूसरी ओर, वैन डाइक के परिवार ने उनकी गिरती सेहत, पैर की चोट और आंखों की रोशनी कमजोर होने को लेकर चिंता जताई थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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