Sanjay Kapoor Property Dispute: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर संपत्ति विवाद मामले में दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया की मध्यस्थता अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि इसे अगस्त तक सुलझा लिया जाएगा. जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान रानी कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वैभव गग्गर ने कहा कि पक्षकारों के बीच मध्यस्थता अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि अगस्त तक इसका समाधान निकल जाएगा. जबकि करिश्मा कपूर के बच्चों की ओर से लिखित जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की गई. अदालत ने एहतियात के तौर पर उनके लिखित जवाब सील बंद लिफाफे में दाखिल करने की अनुमति दे दी है. हालांकि इसे रिकॉर्ड पर लिया जाए या नहीं, इसका फैसला लंबित अर्जी पर निर्भर करेगा.
अगली सुनवाई तक कोई सकारात्मक खबर
वही प्रिया कपूर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई तक कोई सकारात्मक खबर आएगी. इसपर जस्टिस गेडेला ने कहा कि आपके पास बहुत अच्छे मध्यस्थ है. इसपर प्रिया कपूर के वकील ने बताया कि डीवाई चंद्रचुड़ बतौर मध्यस्थ आर के फैमिली ट्रस्ट विवाद का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए कोर्ट ने संपत्ति विवाद मामले को सभी पक्षों की सहमति के बाद मध्यस्थता के लिए भेज दिया था.
उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने यह फैसला दिया
कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचुड़ को नियुक्त किया था. कोर्ट ने कहा था मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाले पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचुड़ को फीस सभी पक्ष मिलकर देंगे. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने यह फैसला दिया था. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि पारिवारिक विवादों का समाधान परिवार के भीतर ही होना चाहिए और इसे दूसरों के मनोरंजन का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए.
अदालत ने परिवार के सभी सदस्यों को मीडिया से बात करने और सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित जानकारी पोस्ट करने से बचने की सलाह दी थी. सारा विवाद रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट के गठन को चुनौती दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस ट्रस्ट के गठन धोखाधड़ी से किया गया था और इसका इस्तेमाल उनकी पूरी संपत्ति, जिसमें सोना ग्रुप की कंपनियों पर उनका नियंत्रण भी शामिल है, इनसे छीनने के लिए किया गया.
दायर याचिका के मुताबिक 2017 में जब उन्हें स्टोक आया, तो उनके दिवंगत बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर ने उनकी शारिरिक स्थिति और उनके भरोसे का फायदा उठाया. आरोप है कि उन्होंने बिना पूरी जानकारी और सहमति के उनकी संपत्ति को फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक सुविधा के बहाने उनसे कई दस्तावेजो पर, जिनमें सादे कागज भी शामिल थे, दस्तखत कराए गए.
-भारत एक्सप्रेस
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