सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्यों का कार्यकला को बढ़ाने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने एनजीटी के तीन सदस्यों के कार्यकला को बढ़ा दिया है. कोर्ट ने 2 न्यायिक अधिकारी और एक विशेषज्ञ सदस्य का कार्यकाल को बढ़ाने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जबतक नए सदस्यों की नियुक्ति नही हो जाती है तब तक ये पद पर बने रहेंगे. तीन सदस्यों का कार्यकाल आज खत्म हो रहा था. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने आदेश में कहा कि अटॉर्नी जनरल ने बताया कि ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट 2026 की धारा 24 (1)(d) के तहत अलग-अलग ट्रिब्यूनल के 248 सदस्यों को कार्यकाल बढ़ाने के लिए योग्य पाया गया है. इनमें से 229 सदस्यों के विस्तार संबंधी आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है. जबकि 19 सदस्यों के आदेश मंगलवार को जारी किया जा रहा है.
इनमें वो सदस्य भी शामिल है, जिनका कार्यकाल आज तक बढ़ाया गया था, इन सभी का कार्यकाल अपने आप बढ़ जाएगा. बशर्ते उनका 5 साल का कार्यकाल पूरा हो गया हो या वे 67/70 साल की उम्र तक न पहुंचे हों. इसको देखते हुए केंद्र सरकार को इन 2 शर्तों के साथ कार्यकाल बढ़ाने का औपचारिक आदेश जारी करना चाहिए. वही अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि नए सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी.
अन्य ट्रिब्यूनलों पर भी लागू होगा कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने यह भी कहा कि कोर्ट का यह आदेश उन अन्य ट्रिब्यूनल पर भी लागू होगा, जहां केंद्र सरकार को सदस्यों की नियुक्ति करनी है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी देरी के मामले को आगे बढ़ाएगी. पिछली सुनवाई में एनजीटी बार एसोसिएशन के वकील ने कहा था कि नई नियुक्तियां रातों रात नहीं कि जा सकती.
एनजीटी अधिनियम एक सदस्यीय पीठ की अनुमति देता. ऐसे में अगर सदस्यों का कार्यकाल आगे नही बढ़ाया गया या नई नियुक्ति नही की गई तो संबंधित पीठे काम नही कर पाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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