Urdu Conclave 2026

टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 7 जनवरी को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की ओर से दायर जमानत याचिका पर एनआईए की मांग पर सुनवाई को टाल दिया है. कोर्ट 7 जनवरी को इस मामले में सुनवाई करेगा.

Terror funding Case
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की ओर से दायर जमानत याचिका पर एनआईए की मांग पर सुनवाई को टाल दिया है. कोर्ट 7 जनवरी को इस मामले में सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई को टाला है. हालांकि शब्बीर शाह के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने आपत्ति जताई है.

भारत और जम्मू कश्मीर को अलग-अलग बताया

कोर्ट ने कहा हमें वास्तव में बहुत जरूरत है, कृपया अगले हफ्ते सुनवाई करें. इसपर जस्टिस विक्रमनाथ ने एनआईए की ओर से पेश वकील से पूछा कि जनवरी में क्यों? वह जमानत मांग रहे है. मामला कब से लंबित है. इससे पहले एनआईए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस बात को लेकर आपत्ति जताई थी कि भारत और जम्मू कश्मीर ईकाई को अलग-अलग बताया जा रहा है. जबकि सिर्फ इंडिया कहा जाना चाहिए.

एसजी मेहता ने कहा था कि भारत और जम्मू कश्मीर ईकाई को अलग-अलग बताए जाने का मैं मुद्दा बना रहा हूं. वही शब्बीर शाह की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि वह बहुत बीमार है. इसपर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने व्यंग्य करते हुए कहा था कि वो बीमार हैं, यही तो समस्या है. शब्बीर शाह के खिलाफ कुल 24 मामले दर्ज है. शब्बीर शाह को एनआईए ने 2019 में गिरफ्तार किया था.

छह साल से तिहाड़ जेल में बंद

दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान शब्बीर शाह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा था कि वह पिछले छह साल से तिहाड़ जेल में बंद है. उनके खिलाफ अभी तक कोई अपराध साबित नहीं हुआ है. शब्बीर शाह के खिलाफ दर्ज 24 मामलों में से 18 मामलों में उन पर आरोप लगाया गया है. जबकि तीन मामले लंबित है और तीन को खारिज कर दिया गया है.

ट्रायल लंबा चलने की उम्मीद

गोंजाल्विस ने यह भी कहा कि एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट के मुताबिक कुल 400 गवाह है, जिनमें से मात्र 15 गवाहों की गवाही पूरी हो पाई है. इसको देखते हुए शाह को जमानत मिलनी चाहिए. क्योंकि इस मामले में ट्रायल लंबा चलने की उम्मीद है. जबकि एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ये एक गंभीर अपराध हैं, जिसमें पाकिस्तान समेत दूसरे देशों से कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए टेरर फंडिंग को अंजाम दिया गया.

इस अपराध में शब्बीर शाह ने खास भूमिका निभाई है. शब्बीर शाह जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के भी संपर्क में था. शब्बीर शाह दो मामलों में तिहाड़ जेल में बंद है. उसपर टेरर फंडिंग का आरोप है. साथ ही ईडी ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था.

ये भी पढे़ं: सुप्रीम कोर्ट ने संजीव भट्ट को ड्रग्स मामले में राहत देने से किया इनकार

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read