सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की महिला आईपीएस डी रूपा मुदगिल और आईएएस रोहिणी सिंदूरी के बीच चल रहे विवाद को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है. कोर्ट ने पूर्व जस्टिस कुरियन जोसेफ को मध्यस्थ नियुक्त किया है. अदालत ने आईएएस रोहिणी सिंदूरी और आईपीएस रूपा मौदगिल से विवाद सुलझाने का आग्रह किया है. कोर्ट ने कहा कि दोनों ही उत्कृष्ट अधिकारी हैं, वे एक दूसरे की कैरियर बर्बाद कर रहे हैं.
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने यह आदेश दिया है. आईएएस रोहिणी सिंदूरी ने याचिका दायर कर कर्नाटक हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसमें निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा गया था. जिसमें मौदगिल द्वारा सिंदूरी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर संज्ञान लिया था. दोनों अधिकारियों के बीच 2023 में शुरू हुए सार्वजनिक विवाद से जुड़ा हुआ है.
कर्नाटक की महिला आईएएस रोहिणी संधुरी ने आईपीएस डी रूपा मुदगिल के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर कर रखा है. आरोप है कि आईएएस रोहिणी ने आईपीएस डी रूपा की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी थी. इसकी जानकारी होने पर आईपीएस ने पहले तो आपत्ति जताई और फिर बाद में खुद भी सोशल मीडिया पर आईएएस रोहिणी की तस्वीरें शेयर कर दी थी. डी रूपा ने दावा किया था उनकी तस्वीरें आईएएस रोहिणी ने खुद अपने फोन से तीन पुरुष आईपीएस अधिकारियों की भेजी थी.
दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद आईएएस रोहिणी ने डी रूपा के खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया था. उन्होंने आईपीएस डी रूपा से एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी मांगा था. कोर्ट से समन जारी होने के बाद आईपीएस डी रूपा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि का मुकदमा को रद्द करने की मांग की है.
पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों की जिरह के बाद कोर्ट ने दोनों को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि उन्हें आपसी रजामंदी से मामले को निपटा लेना चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने आईपीएस डी रूपा को अपने सभी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने को कहा था.
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