सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG EXAM 2026 को दोबारा आयोजित करने के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से फिलहाल इनकार कर दिया है. कोर्ट ने मामले को जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के पास भेज दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस बी. मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने पहले से लंबित याचिका के साथ इसको संलग्न करने का आदेश दिया है.
पुनः परीक्षा कराने का फैसला मनमाना: याचिकाकर्ता
याचिकाकर्ता का कहना है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आधार पर 21 जून को देशभर के लगभग 22 लाख छात्रों के लिए पुनः परीक्षा कराने का फैसला मनमाना, असंगत और संवैधानिक सिद्धांतो के खिलाफ है.
दायर याचिका में कहा गया है कि यदि कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन लाखों निर्दोष छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है. यह याचिका डॉक्टर मंगला कोहली ने दाखिल की है.
सख्त कार्रवाई करने की मांग
दायर याचिका में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है, लेकिन लाखों निर्दोष छात्रों को सामूहिक रूप से दंडित नहीं किया जा सकता है. बता दें कि NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक होने के बाद मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया था.
सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्या नगर सहित अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई. सीबीआई जांच के दौरान ऐसे लोगों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया जो परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे और जिन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी.
मामले में 13 लोग गिरफ्तार
आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर चुनींदा अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए. CBI ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें यश यादव, शुभम खैरनार, मनीषा बाघमारे, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल दिनेश बिवाल सहित अन्य शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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