Supreme court
Supreme Court: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की ओर से दायर याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. कोर्ट 26 अक्टूबर को दायर याचिका पर सुनवाई करेगा. विजयन पर 278 करोड़ रुपए के सीएमआरएल-एक्सलॉजिक पेऑफ़ मामले में एफआईआर दर्ज है और उन्होंने अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई है.
अनुच्छेद 226 के तहत के तहत रिट दायर किया जा सकता
कोर्ट ने कहा कि वह अगले हफ्ते के दौरान एक विशेष बेंच का गठन कर सकता है या फिर इस मामले को 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर सकता है. पूर्व मुख्यमंत्री ने केरल हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि भ्रष्टाचार मामले में किसी आरोपी को एफआईआर दर्ज होने से पहले अपनी बात रखने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कहा था कि चूंकि अर्जियां खारिज कर दी गई हैं, इसलिए उनकी अपीले भी स्वतः खारिज हो जाती हैं. कोर्ट ने कहा था कि 9 अक्टूबर के आदेश से आवेदकों के पास एफआईआर दर्ज होने के खिलाफ संवैधानिक या कानूनी उपाय अपनाने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ा है. अपने फैसले में कोर्ट ने कहा था कि जब तक किसी अपराध का संज्ञान नहीं लिया जाता, तब तक एफआईआर को रद्द कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत के तहत रिट दायर किया जा सकता है.
हाई कोर्ट ने पूरी तरह से हरी झंडी दे दी
ईडी इस मामले में नौ लोगों को समन भेजा गया था. जिनमें कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े अधिकारी शामिल है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)द्वारा यह समन वीणा की आईटी कंपनी ‘एक्सलॉजिक सॉल्यूशन और सीएमआरएल के बीच हुए कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच के सिलसिले में भेजा गया था. बता दें कि हालही में केरल हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी की व्यापक जांच शक्तियों को पूरी तरह से हरी झंडी दे दी थी. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि जांच एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अपनी कार्रवाई शुरू करने या कुर्की जैसी सिविल प्रक्रिया अपनाने के लिए किसी अनुसूचित अपराध में पहले से आधिकारिक शिकायत दर्ज करने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है.
अदालत का बड़ा फैसला: ECIR गोपनीय प्रक्रिया, ईडी को मिली बड़ी राहत
इसे ईडी के लिए एक बड़ी कानूनी और रणनीतिक जीत के तौर पर इसे देखा जा रहा है. ईडी को यह सफलता राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के मामले में एक तगड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि ईसीआईआर को पुलिस द्वारा दर्ज की जाने वाली एफआईआर के समकक्ष नहीं माना जा सकता है. यह महज केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की एक आंतरिक और गोपनीय प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित वित्तीय हेराफेरी या धन शोधन की जांच शुरू करने का एक प्रशासनिक रिकॉर्ड बनाए रखा है. यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशन से जुड़ा हुआ है. इसको लेकर हालही में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के आवास जहां पर उनकी टी वीणा रहती है, वहां और बेकरी जंक्शन के पास स्थित विजयन के किराए का आवास पर छापेमारी की थी.
बेकरी जंक्शन से विधायक निवास तक: विजयन की बेटी टी. वीणा पर ईडी का शिकंजा
CMRL के प्रबंध निदेशक ससीधरन कार्था से जुड़े ठिकाने भी जांच के दायरे में है. जांच अधिकारी कथित मासिक भुगतान से जुड़े डिजिटल उपकरणों, वित्तीय दस्तावेजो और लेनदेन रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. ईडी की टीम ने बेपोर से सीपीआई(एम) विधायक और वीना विजयन के पति पीए मोहम्मद रियाज के आवास पर भी छापेमारी की थी. इससे पहले 26 मई को केरल हाई कोर्ट ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड और वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशन के बीच संदिग्ध लेन देन के मामले में एक अहम फैसला सुनाया था. कोर्ट ने ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था.
1.72 करोड़ का अवैध भुगतान और बिना सेवा दिए लेन-देन का संगीन आरोप
इस मामले में आरोप है कि कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड ने 2018 से 2019 के बीच पिनराई विजयन की बेटी टी वीना की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशन को 1.72 करोड़ रुपए का अवैध भुगतान किया था. आरोप है कि आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा नहीं दी थी. इस खुलासे के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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