Andhra Pradesh Liquor Scam: आंध्र प्रदेश शराब घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी के राजशेखर रेड्डी की ओर से दायर जमानत पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उचित समय पर निचली अदालत या हाई कोर्ट में अपील दायर करने की छूट दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए पूछा कि नौकरशाहों और राजनीतिक नेताओं की आपराधिक सांठगांठ के बिना ऐसा भ्रष्टाचार कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली अपराध नही है. हम जमनात देने के पक्ष में नही है. लिहाजा जमानत याचिका को खारिज किया जाता है.
कोर्ट ने कहा कि जब नौकरशाहों का सवाल आता है, तो उनके पद की परवाह किए बिना, ऐसा लगता है कि उन्हें कुछ विषेधाधिकार प्राप्त है. 3500 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाला मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.
ये भी पढ़ें- प्रिया कपूर ने ननद मंदिरा कपूर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की 20 करोड़ रुपए का सिविल मानहानि का मुकदमा
जगन रेड्डी पर शराब घोटाले में रिश्वत का आरोप
चार्जशीट में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को हर महीने औसतन 50 से 60 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने वाला बताया गया है. चार्जशीट में दावा किया गया है कि एकत्र की गई राशि अंततः केसिरेड्डी राजशेखर रेड्डी (ए-1) को सौंप दी गई. राजशेखर रेड्डी फिर यह पैसा विजय साई रेड्डी, मिथुन रेड्डी, बालाजी को देते थे, जो इसे पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगह मोहन रेड्डी को हस्तांतरित करते थे.
यह मामला वाईएसआर कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल (2019-2024) में लागू की गई शराब नीति से जुडा है. मिधुन रेड्डी को आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जुलाई 2025 में आरोपित बनाया था और गिरफ्तार भी किया था.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



