व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर मेटा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी को सुनवाई करेगा. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशनिंग कर कहा गया है वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की तबियत ठीक नहीं है. इसके बाद वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने भी सुनवाई टालने की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया है.
संविधान का पालन नहीं कर सकते तो छोड़ दो देश
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि तकनीकी कंपनियां भारत में रहकर नागरिकों के निजता अधिकार से खिलवाड़ नहीं कर सकती. अदालत ने यहां तक कह दिया था कि अगर कंपनियां संविधान का पालन नहीं कर सकती, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट मेटा और व्हाट्सएप की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती दी है.
सीजेआई ने आगे ये भी कहा था कि डेटा शेयरिंग के नाम पर नागरिकों की निजता से खिलवाड़ नहीं कर सकते. सीजेआई ने कहा था कि व्हाट्सएप संवैधानिक मूल्यों का मजाक बना रहा है. कोर्ट ने उपभोक्ताओं के पास विकल्प न होने और व्हाट्सएप के एकाधिकार पर चिंता जताई है. कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सएप को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. जिसमें यह लिखा हो कि डेटा साझा नहीं करेंगे.
देश के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं
सीजेआई ने कहा था कि यदि ऐसा हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो मामला खारिज कर दिया जाएगा. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि हम आपको एक भी डेटा साझा करने की अनुमति नहीं देंगे. आप इस देश के अधिकारों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते, अपने व्हाट्सएप पर एक स्पष्ट संदेश भेजे.
वहीं, जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मान लीजिए कि यह शर्त हटा दी जाती है, तो दूसरी शर्त तो बस दिखावा है, उपयोगकर्ताओं को कैसे पता चलेगा कि उनके पास ऑप्ट-आउट करने का अधिकार है? अखबार के विज्ञापन कौन पढ़ता है? यह प्लेटफॉर्म हर दूसरे दिन संदेश भेजेगा, जब अखबार में ऑप्ट-आउट करने का सवाल आएगा, तो कौन पढ़ेगा? सीजेआई ने कहा था कि हमारी चिंता नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर है और आपको डेटा सुरक्षा का पालन करना होगा.
डेटा का व्यावसायिक दुरुपयोग
सीजेआई ने ये भी कहा था कि कोई भी व्यावसायिक उद्यम इस देश के लोगों के अधिकारों की कीमत पर नहीं हो सकता. एसजी मेहता ने कहा था कि हमारा व्यक्तिगत डेटा न केवल बेचा जाता है, बल्कि उसका व्यावसायिक दुरुपयोग भी किया जाता है. इसपर सूर्यकांत ने कहा था कि एक सड़क विक्रेता, वह इन नियमों और शर्तों को कैसे समझेगा? जरा सोचिए आप किस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं, ऐसी हर शर्ते की जांच होनी चाहिए.
बता दें कि कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने नवंबर 2024 में व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन मानते हुए 213 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. व्हाट्सएप पर डॉमिनेंट पोजिशन का दुरुपयोग का आरोप है. जिसमें यूजर्स को नई पॉलिसी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया.
ये भी पढ़ें: UP Police: 15 साल बाद मिला इंसाफ, दारोगा राजवीर सिंह की हत्या और लूट के मामले में 3 दोषियों को उम्रकैद
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

