उन्नाव रेप मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी कुलदीप सेंगर के भाई जयदीप सेंगर को कोर्ट ने 21 फरवरी को सरेंडर करने का आदेश दिया. मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी. ट्रायल कोर्ट ने जयदीप सेंगर को 10 साल की जेल की सजा दी है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को अपील तीन महीने में निपटाने का निर्देश दिया है. चलिए जानते है पूरा मामला:
आरोपी की याचिका
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत 20 फरवरी से आगे नहीं बढ़ सकती. पिछली सुनवाई में 9 फरवरी को सीबीआई को नोटिस जारी किया गया था. कोर्ट ने 21 फरवरी को सेंगर को सरेंडर करने का आदेश दिया है, जबकि मेडिकल आधार पर जमानत बढ़ाने की याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी. जयदीप सेंगर ने याचिका में कहा कि उन्हें एडवांस स्टेज का कैंसर है और दोबारा इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं.
इसके लिए उन्हें चिकित्सकीय सहायता की जरूरत है. 3 जुलाई 2024 को उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी.
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसले
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट सेंगर की अपील और पीड़िता द्वारा सजा बढ़ाने की याचिका तीन महीने में निपटाए. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोई ओपिनियन नहीं दिया जा रहा है, लेकिन चूंकि आरोपी ने जेल में सजा पूरी कर ली है, जमानत पर हाई कोर्ट तीन महीने में निर्णय करे. 18 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया था. हिरासत में मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट ने जयदीप सेंगर को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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