पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में पश्चिम बंगाल के वोटर्स के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल करते हुए बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने लिखित आदेश में स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए, जिन व्यक्तियों की अपील पर 19 स्पेशल अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक फैसला दे देंगे. वही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.
इसी तरह जिनकी अपील पर अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा 27 अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा. वे 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.
चुनाव प्रक्रिया में स्पष्टता बनाए रखने पर सुप्रीम कोर्ट का जोर
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ऐसे लोगों के लिए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया है. अपीलेट ट्रिब्यूनल 23 अप्रैल तक जिन लोगों के अपील पर फैसला कर ले, उनके नाम की एक सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करें. इस लिस्ट में जिन लोगों का नाम होगा वही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसी तरह 27 अप्रैल तक फैसला होने वालों के नाम भी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी किया जाए. इस लिस्ट में जिन लोगों के नाम को शामिल किया जाएगा, वही 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के होने वाले मतदान के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.
34 लाख से अधिक अपीलें दाखिल
कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अपीलीय चरण के जरिए पूरी प्रक्रिया को दोबारा खोलने की कोशिश न की जाए. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ जिन लोगों की अपील अभी लंबित है, उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट देने की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह आंकड़ा 34 लाख से ज्यादा अपीलें अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने दाखिल की जा चुकी हैं. यह अपीलें उन लोगों ने दायर की है, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए गए थे.
मामले की सुनवाई के दौरान कल्याण बनर्जी ने कोर्ट में कहा था कि जिन लोगो का नाम अंतिम समय तक ट्रिब्यूनल से क्लीयर हो जाए, उनको वोट देने की इजाजत दिए जाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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