लाइफस्टाइल

OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने शार्क टैंक में बताई अपनी अब तक की यात्रा, बोले-जज बनना…

Shark Tank India: शार्क टैंक इंडिया अपने नए सीजन के साथ लौट रहा है. इस बिजनेस रियलिटी शो में कई नए जज नजर आने वाले. इस शो में 6 की जगह टोटल 12 शार्क दिखाई देने वाले हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन जजों में OYO के फाउंडर रितेश अग्रवाल का नाम भी शामिल है. 30 साल के रितेश भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के उभरते हुए बिजनेस मैन में से एक हैं. हाल ही में रितेश अग्रवाल ने अपनी अब तक की यात्रा के बारे में जानकारी साझी करते हुए कहा है कि शार्क टैंक इंडिया में जज बनना मानसिक जॉगिंग की तरह है.

जज बनना मानसिक जॉगिंग की तरह है- रितेश अग्रवाल

अग्रवाल ने कहा कि “मुझे लगता है कि यह आसान नहीं था. हम, उद्यमी के रूप में, अपना समय लेने के आदी हैं. लेकिन यहां, कोई पिच पर आता है, और आपने सही प्रश्न पूछने के बाद तुरंत निर्णय ले लिया है. यह लगभग मानसिक जॉगिंग जैसा है. मुझे लगता है कि यह वास्तव में दर्शकों के लिए बहुत बड़ी बात है, खासकर तब जब आप निवेश करें या नहीं. भले ही मैं और अन्य शार्क निवेश करें या नहीं, हमारा ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि हम उद्यमी के लिए कुछ मूल्य कैसे जोड़ सकते हैं. बेशक, लक्ष्य यह देखना है कि क्या हम निवेश कर सकते हैं और सौदा कर सकते हैं.”

रितेश अग्रवाल ने शो में बताई अपनी यात्रा

इसके अलावा, शो में सबसे कम उम्र की शार्क के रूप में उनकी अब तक की यात्रा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “आकर्षक, क्योंकि अनिवार्य रूप से लोगों को शो के माध्यम से महसूस होता है कि उद्यमिता को किसी भी अन्य कला या कौशल की तरह ही सराहा जाता है. मुझे अपनी पहली पिच याद है. शो में वहीं से अमित जैन ने मुझे फीडबैक दिया. बेशक, विनीता सिंह, नमिता थापर और पीयूष बंसल के साथ यह एक अद्भुत अनुभव रहा है. वे न केवल प्रतिभाशाली उद्यमी हैं, बल्कि महान सह-शार्क भी हैं.”

ये भी पढ़ें:अब सोते-सोते भी घटेगा वजन! बस अपनी लाइफस्टाइल में इन चीजों में करें बदलाव

रितेश ने चुनौतियों के बारे में भी की बात

अग्रवाल ने आगे अपनी उन चुनौतियों के बारे में बात की जिनका सामना उन्हें एक उद्यमी के रूप में तब करना पड़ा जब उन्होंने ओयो शुरू किया. उन्होंने कहा, ”मेरा दृष्टिकोण यह है कि मुझे असफलताओं और चुनौतियों से प्यार है. मैं यथासंभव उन्हें गले लगाने की कोशिश करता हूं. उदाहरण के लिए, जब मेरा दूसरा होटल खुला, तो पहले दिन के ग्राहक मेरे होटल पर आए. वहाँ एक मंजिल थी जहाँ पानी उपलब्ध नहीं था और वे वहाँ रहना चाहते थे. दुर्भाग्य से, हमारे पास उन्हें अंदर जाने देने के अलावा कोई उपचार नहीं था. और फिर, वे रात में नहाना चाहते थे. मैंने सोचा कि मैं खुद ही पानी को दूसरे टैंक से दूसरे टैंक में स्थानांतरित कर दूंगा. हम सभी, मध्यम-आय वाले परिवार में, जानते हैं कि पाइप से हवा निकालकर और हवा को घुमाकर एक कंटेनर से दूसरे कंटेनर में पानी कैसे स्थानांतरित किया जाए.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

Recent Posts

UAE में तेल रिसाव से बढ़ा संकट, कई बीच बंद; समुद्री जीवों और पर्यावरण पर मंडराया बड़ा खतरा

UAE Oil Spill: UAE के तट के पास समुद्र में फैला तेल लगातार बढ़ता जा…

5 minutes ago

वाराणसी में महिला कर्मचारी ने बताई अपने गांव की बदलती सोच, पीएम मोदी बोले- योगी जी को थैंक्यू बोलो

बेटियों को घर से बाहर भेजने से पहले परिवार के मन में उनकी सुरक्षा को…

29 minutes ago

‘गाद नहीं हटी तो बाढ़ का खतरा…’, सुप्रीम कोर्ट ने NGT से कहा- तेलंगाना कॉर्पोरेशन की याचिका पर हो जल्द सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी को तेलंगाना स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की याचिका पर जल्द फैसला…

47 minutes ago

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कथित आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, दीपावली पर घर जाने की अनुमति

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को दीपावली पर…

1 hour ago