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कला-साहित्य

स्वामी सहजानंद की प्रो. रामचंद्र प्रधान द्वारा संपादित चुनिंदा रचनाएँ प्रभात प्रकाशन की पुस्‍तकों में पढ़ी जा सकती हैं. इन पुस्‍तकों को गांधी पीस फाउंडेशन के पूर्व सेक्रेटरी सुरेंद्र कुमार ने जदयू नेता के.सी. त्यागी को भेंट किया.

तीन दिवसीय गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक अविस्मरणीय साहित्यिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआ. वाराणसी के होटल द क्लार्क्स से प्रारंभ होकर गाजीपुर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस साहित्यिक मेले ने साहित्य, संस्कृति, भारतीय चेतना और आजादी के मूल्यों पर गहन संवाद का मंच प्रदान किया.

Ghazipur Literature Festival Day 3: भारत एक्सप्रेस के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन श्रोताओं को एक बार फिर संबोधित किया. उन्होंने पुस्तक मेले में भी शिरकत की, जहां बहुत-से प्रशंसकों-शुभचिंतकों ने उनके साथ पिक्चर्स क्लिक कराईं. तस्वीरों में देखें झलकियां...

Ghazipur Literature Festival के ‘जड़ों की ओर’ थीम पर केंद्रित सत्र में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी व एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने अपनी जिंदगी की अनकही कहानियां, किताबों की सीख और माता-पिता के संस्कारों का जिक्र कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया.

Ghazipur Literature Festival 2025: उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गाजीपुर जिले में 7 नवंबर से GLF 2025 आयोजित होने जा रहा है. इसमें वैश्विक हस्तियां कला-साहित्‍य एवं नृत्य की प्रस्‍तुतियां देंगी. भोजपुरी का ज्ञान-कौशल दिखेगा. थीम 'जड़ों की ओर' से आगाज होगा.

Shaam-e-Ghazal: A Milestone Celebration - सफदरजंग मकबरे पर 'शाम-ए-ग़ज़ल' से सेरेन्डिपिटी आर्ट्स ने 10 साल पूरे किए. संगीत और कविता की इस महफिल में प्रतिभा सिंह बघेल और पृथ्वी गंधर्व ने समां बांधा.

Gunjan Foundation Programe: गुंजन फाउंडेशन ने दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में “दस्तक-ए-दिल” कार्यक्रम का आयोजन किया. भारत एक्सप्रेस ने मीडिया पार्टनर के रूप में कार्यक्रम का कवरेज किया.

Manoj Muntashir shukla cultural-Event: दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कवि मनोज मुंतशिर की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी की अनकही कहानी का जीवंत मंचन किया गया. कार्यक्रम में आचार्य लोकेश मुनि समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं.

Hindi Diwas 2025: हिंदी न केवल एक भाषा है, बल्कि भारत की एक पहचान है. भारत अपनी विविधता के लिए जाना जाता है और इस विविधता को हिंदी एक सुत्र की तरह पिरोती है. लाखों लोगों के लिए हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं, बल्कि देश को जोड़ने वाला धागा है.

Badariya Festival 2025: राजधानी दिल्ली में 1 सितंबर को मानसून की विदाई का एक सांस्कृतिक उत्सव 'बदरिया फेस्टिवल' होगा. इसमें संगीत और नृत्य, प्रदर्शनी दिखेंगी. सीएम रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि होंगी.