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चीन के मकाउ का यह मंदिर जहां लोगों को जाने से मिलती है शांति, बेहद दिलचस्प है इसके पीछे का इतिहास

चीन के मकाउ की बर्रा पहाड़ी पर बना यह मंदिर यहां की इतिहास और संस्कृति का अनोखा प्रतीक है. शांत प्राकृतिक वातावरण में बसे इस मंदिर में लोग मन की शांति पाने आते हैं.

Edited by Akansha

China A-Ma Temple History: चीन के मकाउ की बर्रा पहाड़ी पर बना यह मंदिर यहां की इतिहास और संस्कृति का अनोखा प्रतीक है. शांत प्राकृतिक वातावरण में बसे इस मंदिर में लोग मन की शांति पाने आते हैं. जानिए, यह मंदिर किस देवी को समर्पित है.

चीन के मकाउ में स्थित अ-मा मंदिर अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. बर्रा पहाड़ी पर बसा यह मंदिर न सिर्फ शांति की तलाश करने वालों के लिए, बल्कि कन्फ्यूशीवाद, ताओवाद, बौद्ध धर्म और लोक मान्यताओं से प्रेरित चीनी संस्कृति का प्रतीक भी है.

मकाउ का यह प्रसिद्ध मंदिर समुद्र की देवी मा-ज़ू को समर्पित है, जो नाविकों और मछुआरों की संरक्षक मानी जाती हैं. मंदिर में पगोडा, प्रार्थना कक्ष, चट्टानों पर खुदे शिलालेख और पारंपरिक चीनी वास्तुकला देखने लायक हैं, जो चीनी संस्कृति की असली झलक पेश करते हैं.

मकाउ विश्‍व धरोहर की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह मंदिर का मंडप अलग-अलग समय पर बनाए गए थे. इसका वर्तमान स्‍वरूप 1828 के निर्माण के बाद तैयार हुआ था और इसकी सबसे पुरानी संरचना 1488 के दौर की थी. इसके प्रार्थना भवन का निर्माण 1605 में हुआ और 1629 में पुनर्निर्माण किया गया.

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2005 में यूनेस्को ने इस मंदिर को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया. इतिहासकार मानते हैं कि यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि मकाउ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी दर्शाता है. मंदिर के मंडप में लगे पत्थरों पर खुदे शिलालेख इसके गौरवपूर्ण इतिहास की गाथा बताते हैं.

मंदिर की शुरुआत में ही ग्रेनाइट से बना चंद्र द्वार है. इसे रंगीन दीवारों और मूर्तियों पर लगे आभूषणों से सजाया गया है.पत्थरों पर शेरों की जोड़ी इसे बहुत सुंदर बनाती है. मंदिर के अंदर कई भाग हैं, जिनमें मुख्य द्वार के साथ-साथ 'हॉल ऑफ़ गुड्समैनशिप' भी शामिल है, जहाँ दाओवादी संत और देवियाँ विराजमान हैं.

मंदिर में भक्तों के लिए एक प्रार्थना कक्ष है. यहाँ लोग अगरबत्ती जलाकर देवी की पूजा करते हैं. मंदिर में करुणा की देवी गुआन यिन को समर्पित एक और हॉल है, जिसका नाम 'गुआन यिन हॉल' है. इसके अलावा, बौद्ध धर्म के लिए एक 'बुद्धिस्ट पविलियन' भी बनाया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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