International Women’s Day 2025: 8 मार्च का दिन हर साल महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है, और इस अवसर पर हम एक ऐसी महिला की कहानी को साझा कर रहे हैं, जिसने अपनी ज़िंदगी के रास्ते को बदलते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किए हैं. हम बात कर रहे हैं, इंदौर में एनजीओ चलाने वाली रूपाली जैन की.
रूपाली जैन ने अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपने करियर को छोड़कर भारत लौटने का निर्णय लिया था, ताकि वह बेसहारा बुजुर्गों और दिव्यांग बच्चों के लिए काम कर सकें. उनका मानना था कि समाज के इस कमजोर वर्ग के लिए कुछ करना उनका कर्तव्य है. उनकी मेहनत और समाज सेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया है.
45 वर्षीय रूपाली इंदौर में लावारिस भिखारियों की देखभाल के साथ उनकी अंत्येष्टि तक अपने हाथों से करती हैं.

रूपाली का मानना है कि महिला दिवस सिर्फ महिलाओं के योगदान को स्वीकारने का दिन नहीं है, बल्कि यह दिन समाज में महिलाओं के बराबरी के अधिकार की भी याद दिलाता है. उनके उत्कृष्ट कार्यों से हमें प्रेरणा मिलती है कि किस प्रकार एक महिला अपनी शक्ति से समाज में बदलाव ला सकती है.

रूपाली की कहानी न केवल उनके अद्वितीय कार्यों की गवाह है, बल्कि यह भी बताती है कि महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए कोई भी रुकावट नहीं आ सकती.

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