Amarnath Yatra 2026: शिव भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. साल की सबसे पवित्र और कठिन यात्राओं में से एक ‘Amarnath Yatra’ की शुरुआत से पहले एक बेहद सुखद खबर सामने आई है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली झलक (प्रथम दर्शन) सामने आ गई है. इंडिया टीवी द्वारा जारी किए गए वीडियो में बाबा बर्फानी का बेहद खूबसूरत और अलौकिक शिवलिंग नजर आ रहा है. जैसे ही यह वीडियो सामने आया, देशभर के शिव भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.
कब से शुरू हो रही है Amarnath Yatra 2026?
अगर आप भी इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो तारीखें नोट कर लीजिए. इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है. यह यात्रा पूरे 57 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन के पावन अवसर पर यानी 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर इस बात की आधिकारिक जानकारी साझा की थी. उन्होंने बताया कि भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने के लिए यात्रा की शुरुआत से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन यानी 29 जून 2026 को पारंपरिक ‘प्रथम पूजा’ का आयोजन किया जाएगा.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. पूरे जम्मू-कश्मीर, खासकर अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. कश्मीर जोन के आईजीपी (IGP) और कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग समेत तमाम बड़े अधिकारी लगातार जमीनी हालात और तैयारियों का जायजा ले रहे हैं.
हाल ही में डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने अनंतनाग, श्रीनगर, गांदरबल और बांदीपोरा के डिप्टी कमिश्नरों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग भी की थी. इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर तैनात होने वाले सभी 28,000 सर्विस प्रोवाइडर्स (सेवा प्रदाताओं) और खच्चर/घोड़े वालों का रजिस्ट्रेशन काम समय से पूरा कर लिया जाए.
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30 मई तक बनेंगे RFID कार्ड
इस बार प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि श्रद्धालुओं और सेवादारों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो. इसके लिए सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए 30 मई 2026 तक ‘आरएफआईडी’ (RFID) कार्ड जारी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए घोड़ा स्टैंड बनाने, उनके लिए शेड और फेंसिंग (बाड़ लगाने) का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है.
गुफा तक मिलेगा मजबूत मोबाइल नेटवर्क
अक्सर पहाड़ी और दुर्गम रास्तों पर नेटवर्क की समस्या का सामना करना पड़ता है. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. बैठक में बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक के पूरे रास्ते में बेहतर टेलीकॉम कनेक्टिविटी और इंटरनेट बैंडविड्थ की समीक्षा की गई. कमिश्नर ने सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को साफ निर्देश दिए हैं कि पूरी यात्रा के दौरान नेटवर्क में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए, ताकि श्रद्धालु अपने परिवार के साथ हमेशा कनेक्टेड रह सकें.
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-भारत एक्सप्रेस
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