इनपुट— मनमीत गुप्ता
AYODHYA DEEPOTSAV 2026: भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या में योगी सरकार का 10वां ऐतिहासिक दीपोत्सव 7 नवंबर 2026 को अलौकिक वैभव के साथ आयोजित किया जाएगा. वर्ष 2017 से प्रारंभ होकर 2026 तक निरंतर नए आयाम स्थापित करने वाले इस राजकीय दीपोत्सव ने रामनगरी की सांस्कृतिक छवि को वैश्विक क्षितिज पर जगमगा दिया है. दीपोत्सव के मुख्य केंद्र ‘राम की पैड़ी’ को संवारने और सजाने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
इस बार राम की पैड़ी पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बनाने के लिए राजस्थान के प्रसिद्ध धौलपुर के गहरे गुलाबी पत्थरों को बिछाया जा रहा है. इन पत्थरों की विशेषता यह है कि ये जितने पुराने और घिसे होते हैं, इनकी चमक उतनी ही बढ़ती जाती है.
राम की पैड़ी पर 10 राजस्थानी मंडप और नए व्यूइंग प्वाइंट्स
राम की पैड़ी पर धौलपुर के पत्थरों से विशेष 10 राजस्थानी संस्कृति मंडपों का निर्माण किया गया है.
सेल्फी और सिटिंग प्वाइंट: इन नक्काशीदार मंडपों में बैठकर देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु राम की पैड़ी के मनोहारी जल और सरयू की आभा को निहार सकेंगे. साथ ही यह युवाओं के लिए प्रमुख सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी विकसित किए गए हैं.
विशाल अर्ध घड़ा: मुख्य मंच के समीप रंग-बिरंगी चमकदार मोजाइक टाइल्स से सुसज्जित एक विशाल ‘अर्ध घड़ा’ स्थापित किया गया है, जो दीपोत्सव की थीम को पारंपरिक कलात्मकता प्रदान कर रहा है.

तीन भव्य मंच: अमित शाह, राज्यपाल और CM होंगे मंचासीन
दीपोत्सव के आयोजन को देखते हुए राम की पैड़ी पर इस बार पिछले वर्षों की तुलना में करीब 2,000 अधिक यानी 5 से 6 हजार विशिष्ट (VIP) अतिथियों के बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था की जा रही है. इसमें विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के साथ कई देशों के विदेशी राजदूत और प्रतिनिधि भी शामिल होंगे. इसके लिए तीन अलग-अलग मंच बनाए जा रहे हैं:
मुख्य मंच (52 × 28 फीट): इस विशाल मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित देश के गृह मंत्री अमित शाह विराजमान होंगे.
संत मंच (16 × 40 फीट): दूसरा मंच पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों और विशिष्ट अतिथियों के लिए सुरक्षित रखा गया है.
अतिथि ब्लॉक: अन्य गणमान्य नागरिकों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए गए हैं. मंच निर्माता संजय पाल के अनुसार, अतिथियों की संख्या को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर मंच का विस्तार भी किया जा सकता है.
अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी प्रशासनिक अमले के साथ लगातार राम की पैड़ी और आयोजन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस बार दीपोत्सव में सरयू तट पर होने वाला विशाल लेजर व ड्रोन शो और राम पथ पर निकलने वाली रामायणकालीन झांकियां मुख्य आकर्षण होंगी.
पिछले 5 वर्षों में अयोध्या दीपोत्सव: रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड का सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव का यह सफर हर साल अपना ही कीर्तिमान तोड़ता रहा है. इस वर्ष 30 लाख दीप प्रज्वलित कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है:
| वर्ष | प्रज्वलित दीपकों की संख्या | उपलब्धि / ऐतिहासिक विवरण |
|---|---|---|
| 2021 | 9,41,551 दीये | राम की पैड़ी पर पहला बड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
| 2022 | 15,76,000 दीये | 15 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हुआ |
| 2023 | 22,23,676 दीये | 22 लाख से अधिक दीयों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड |
| 2024 | 25,12,585 दीये | रामलला प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत 25 लाख+ दीये |
| 2025 | 26,17,215 दीये | 26.17 लाख दीपकों के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना |
| 2026 (प्रस्तावित) | 30,00,000 दीये | फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा |


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