Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

छठ पूजा का प्रसाद बनाने में भूलकर भी ना करें ये गलतियां, खंडित हो जाएगा व्रत

Chhath Puja 2024 Prasad: आज से छठ पूजा शुरू हो गई है जो 8 नवंबर तक चलेगी. इस दौरान छठ पूजा का प्रसाद बनाने में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें.

Chhath Puja 2024 Prasad

छठ पूजा प्रसाद.

Chhath Puja 2024 Prasad: चार दिवसीय लोक आस्था महापर्व छठ आज यानी 5 नवंबर से शुरू हो गया है. इस दौरान 6 नवंबर को खरना पूजा होगी. जबकि, 7 तारीख को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. वहीं, 8 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा. छठ महापर्व को सूर्य षष्ठी भी कहा जाती है. इस पर्व में मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है. छठ व्रती इस दिन 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं. छठ पूजा के लिए घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक प्रसाद तैयार किए जाते हैं. बता दें कि छठ पूजा का मुख्य प्रसाद ठेकुआ और पूड़ी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि छठ पूजा का प्रसाद बनाने में किन गलतियों को नहीं करनी चाहिए.

शुद्धता और पवित्रता

छठ पूजा का प्रसाद तैयार करने में शुद्धता और पवित्रता का पूरा-पूरा ख्याल रखा जाता है. इसलिए छठ पूजा का प्रसाद तैयार करते वक्त लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कहते हैं कि छठी मैया का प्रसाद बेहद पवित्र, शुद्ध और घी में बना होना चाहिए. वैसे, सरसों तेल या रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

हाथ-पैर धोकर ही बनाएं प्रसाद

छठ पूजा का प्रसाद तैयार करने से पहले हाथ और पैर को अच्छे से धोना चाहिए. इसके बाद गंगाजल से शुद्ध होकर प्रसाद तैयार करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: आज से शुरू हो रहा है छठ पर्व, यहां जानें नहाय-खाय से लेकर अर्घ्य की प्रमुख तिथियां

नहाकर तैयार करें पूजा का प्रसाद

छठ पूजा का प्रसाद बनाने से पहले स्नान करना ना भलें. मान्यता है कि छठ पूजा का प्रसाद बनाने से पहले स्नान कर लेना चाहिए और फिर उसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके ही पूजा घर में प्रसाद की तैयारी करनी चाहिए.

खाने में करें सेंधा नमक का इस्तेमाल

छठ पूजा के दिन घर में खाना बनाने के सेंधा नमक का ही उपयोग करना अच्छा माना गया है.

ठेकुआ बनाने में करें गुड़ का इस्तेमाल

छठ पूजा में ठेकुआ का विशेष महत्व है. इस पारंपरिक पकवान को बनाने के लिए सिर्फ गुड़ का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि, गुड़ को शुद्ध माना गया है.

शाम और सुबह का अर्घ्य कब है?

चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. जबकि, आखिरी दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का समापन होता है. इस साल छठ पूजा का संध्याकालीन अर्घ्य 7 नवंबर को दिया जाएगा. वहीं उगते हुए सूर्य को अर्घ्य 8 तारीख को दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें: कब दिया जाएगा सूर्य देव को पहला अर्घ्य, जानें डेट शुभ मुहूर्त और खास नियम



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Latest