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करौली में लक्खी मेले का आगाज: 50 लाख भक्तों की मुराद पूरी करेंगी माँ कैलादेवी, सुरक्षा के लिए बिछाया गया लोहे का जाल!

राजस्थान के करौली में माँ कैलादेवी के चैत्र नवरात्र लक्खी मेले की शुरुआत हो गई है, जहां 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. मेले में सुरक्षा के लिए 1300 पुलिसकर्मी, 320 CCTV और विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं…

रिपोर्ट-शीला मीणा


Kaila Devi Lakhi Mela Karauli Navratri: उत्तर भारत के सबसे बड़े शक्तिपीठों में से एक, माँ कैलादेवी के दरबार में आज से चैत्र नवरात्र के पावन लक्खी मेले का आगाज हो गया है. बता दें कि 1 अप्रैल तक चलने वाले इस मेले में इस बार भक्ति और सुरक्षा का ऐसा संगम दिख रहा है जो पहले कभी नहीं देखा गया. राजस्थान, यूपी, एमपी, और दिल्ली समेत देश के कोने-कोने से करीब 45 से 50 लाख श्रद्धालुओं के यहाँ पहुंचने का अनुमान है.

भक्तों की भीड़ का आलम यह है कि प्रशासन ने सुबह 4 बजे से ही माँ(Kaila Devi) के द्वार खोल दिए हैं, ताकि हर भक्त सुकून से माता के दर्शन कर सके. मंदिर ट्रस्ट ने इस बार श्रद्धालुओं को गर्मी से बचाने के लिए रेलिंग में गंगाजल और केवड़े के स्प्रे की व्यवस्था की है, जिससे पूरा परिसर महक उठा है.

कलेक्टर ने बाइक पर बैठकर लिया जायजा

मेले की तैयारियों को परखने के लिए जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना और मेला मजिस्ट्रेट प्रेमराज मीणा ने जो किया उसने सबको हैरान कर दिया. दोनों अधिकारी कल बाइक पर सवार होकर करौली से कैलादेवी मंदिर तक के रास्ते का निरीक्षण करने निकले. इस दौरान जब उन्होंने देखा कि पैदल यात्रियों के लिए बने फुटपाथ पर कंकड़ और कांटे बिखरे हुए हैं, तो कलेक्टर का पारा चढ़ गया. उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए और साफ कहा कि भक्तों की राह में एक भी कांटा नहीं होना चाहिए. कलेक्टर की इस कड़ाई के बाद अब पूरे मार्ग पर युद्धस्तर पर सफाई और मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है.

सीसीटीवी से ‘तीसरी आंख’ की निगरानी

इतनी भारी भीड़ में जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए डीएसपी मीना मीणा ने किलेबंदी कर दी है. मेले की सुरक्षा में 55 पुलिस अधिकारियों के साथ 1300 पुलिसकर्मियों की फौज तैनात की गई है. पूरे मेला क्षेत्र में 320 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जबकि मंदिर के प्रवेश द्वार पर ‘हेड काउंटिंग’ मशीन लगी है जो पल-पल की संख्या बता रही है.

यह भी बता दें कि मेले कि सुरक्षा इतनी सख्त है कि बिना तलाशी के परिंदा भी पर नहीं मार सकता. वहीं कालीसिल नदी और पांचना बांध के घाटों पर गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है ताकि गहरे पानी में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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रोडवेज ने स्पेशल बस चलाकर दिया बड़ा तोहफा

श्रद्धालुओं के सफर को आसान बनाने के लिए राजस्थान रोडवेज ने भी अपना खजाना खोल दिया है. 45 डिपो से 300 से अधिक मेला स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं, जिनमें यात्रियों को किराए में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. वहीं, हिंडौन और कल्याणी जैसे रास्तों पर भक्तों के लिए जगह-जगह भंडारे सजे हुए हैं, जहाँ भोजन, चिकित्सा और विश्राम की मुफ्त सेवा दी जा रही है. मंदिर के अंदर अनुशासन बनाए रखने के लिए नारियल ले जाने और धूम्रपान पर पूरी तरह पाबंदी है. मंदिर प्रशासन ने साफ़ किया है कि जो भी गंदगी फैलाएगा या नियमों को तोड़ेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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