वडोदरा के मैदान पर पहले वनडे में न्यूजीलैंड को धूल चटाने के बाद, अब टीम इंडिया का कारवां राजकोट पहुंच चुका है. बुधवार को होने वाले दूसरे वनडे मैच में भारत की नजरें सीरीज को ‘लॉक’ करने पर होंगी. 1-0 की बढ़त के साथ भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है, लेकिन न्यूजीलैंड टीम को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है, क्योंकि पहले मैच में उन्होंने दिखा दिया था कि वे आखिरी दम तक लड़ना जानते हैं.
युवा ऑलराउंडर्स को मौका
भारतीय खेमे के लिए इस समय सबसे अच्छी बात विराट कोहली की लय है. पहले मैच में भले ही वह अपने 54वें शतक से चूक गए हों, लेकिन उनकी 93 रनों की पारी ने बता दिया कि ‘किंग कोहली’ अब किसी दबाव में नहीं बल्कि आजादी के साथ खेल रहे हैं. वडोदरा में उन्होंने सबसे कम पारियों में 28,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने का जो कीर्तिमान बनाया, वह उनकी महानता की गवाही देता है.
हालांकि, टीम मैनेजमेंट के लिए चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट सिरदर्द बनी हुई है. ऋषभ पंत के बाद अब वॉशिंगटन सुंदर भी बाहर हो गए हैं. ऐसे में गौतम गंभीर की कोच वाली इस टीम में नीतीश कुमार रेड्डी जैसे युवा ऑलराउंडर को मौका मिल सकता है. चयनकर्ताओं ने आयुष बडोनी और ध्रुव जुरेल को बैकअप के तौर पर रखा है, जिससे बल्लेबाजी में गहराई आने की उम्मीद है.
दिग्गज और युवाओं का संगम
सबकी निगाहें एक बार फिर रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी पर होंगी. अपने करियर के इस पड़ाव पर ये दोनों दिग्गज भारत को मजबूत शुरुआत और स्थिरता देने की कोशिश करेंगे. वहीं, शुभमन गिल ने पहले मैच में जिस तरह सधी हुई पारी खेली और श्रेयस अय्यर ने जो तेवर दिखाए, उससे मध्यक्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है. राजकोट की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों की मददगार होती है, ऐसे में रोहित और गिल की जोड़ी पावरप्ले का फायदा उठाना चाहेगी.
न्यूजीलैंड: हार नहीं मानने वाला जज्बा
कीवी टीम की बात करें तो उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है. डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स की ओपनिंग जोड़ी ने पहले मैच में शतकीय साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया था. काइल जैमीसन की गेंदबाजी ने भी अंतिम ओवरों में मैच फंसा दिया था. अगर न्यूजीलैंड को वापसी करनी है, तो उनके मध्यक्रम के बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी और फील्डिंग में उन गलतियों से बचना होगा जो उन्होंने वडोदरा में की थीं.
स्पिनर्स के लिए अग्निपरीक्षा
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में भारतीय स्पिनरों पर काफी दारोमदार होगा. पिछले मैच में तेज गेंदबाजों ने गति कम करके (slow balls) विकेट झटके थे, लेकिन स्पिनरों को अभी भी अपनी छाप छोड़नी बाकी है. कुलदीप यादव और टीम के अन्य स्पिन विकल्प चाहेंगे कि वे राजकोट की सूखी पिच पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को अपने जाल में फंसाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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