भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में उनका चयन न होना है. जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बावजूद जब चयनकर्ताओं ने शमी के बजाय जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी पर भरोसा जताया, तो क्रिकेट जगत में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. लंबे समय से टीम इंडिया में वापसी का इंतजार कर रहे शमी ने अब इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
चयन नहीं होने पर क्या बोले शमी?
नवभारत टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में मोहम्मद शमी ने साफ कहा कि वह हार मानने वालों में से नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और आने वाले वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियों को और मजबूत बना रहे हैं. शमी का कहना है कि टीम में जगह बनाना उनका लक्ष्य है, लेकिन अंतिम फैसला चयनकर्ताओं के हाथ में होता है.
उन्होंने कहा,
“मैं लगातार मेहनत कर रहा हूं. वर्ल्ड कप की तैयारी भी कर रहा हूं और मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं टीम में वापसी करूं. टीम में किसे चुना जाए, यह फैसला चयनकर्ताओं का होता है. मेरा काम सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना और खुद को तैयार रखना है.”
आकिब नबी को मिला मौका
श्रीलंका दौरे के लिए जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो पाए, इसलिए उनके बाहर रहने की संभावना बनी. ऐसे में माना जा रहा था कि अनुभवी शमी को टीम में वापस बुलाया जाएगा. हालांकि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया.
अगर आकिब नबी टीम में शामिल होते हैं तो वह सीनियर भारतीय टीम तक पहुंचने वाले जम्मू-कश्मीर के तीसरे खिलाड़ी होंगे. इससे पहले परवेज रसूल और उमरान मलिक भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.
मोहम्मद शमी पिछले एक साल से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. फिटनेस से जुड़ी परेशानियों से उबरने के बाद उन्होंने खुद को साबित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी.
शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था. वहीं टेस्ट क्रिकेट में वह 2023 के बाद से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बने हैं. उनका आखिरी वनडे मुकाबला पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ था.
क्या अब मुश्किल हो गई है वापसी?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम अब धीरे-धीरे युवा खिलाड़ियों की ओर बढ़ रही है. ऐसे में 36 वर्ष की उम्र के करीब पहुंच रहे मोहम्मद शमी के लिए वापसी पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है. बुमराह की जगह भी जब युवा खिलाड़ी को प्राथमिकता दी गई, तो इसे चयनकर्ताओं की भविष्य की रणनीति का संकेत माना जा रहा है.
हालांकि शमी ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि वह अभी हार मानने के मूड में नहीं हैं. उनका पूरा ध्यान फिटनेस, मेहनत और प्रदर्शन पर है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी घरेलू टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप की तैयारियों के दौरान वह अपनी दावेदारी कितनी मजबूत बना पाते हैं और क्या चयनकर्ता उन्हें एक और मौका देते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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