Bharat Express DD Free Dish

बेलफास्ट में स्टेडियम फुल, पर क्यों नहीं हुआ वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू? जानिए ‘बेबी बॉस’ को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के पीछे की 3 बड़ी वजहें

Vaibhav Sooryavanshi Debut: भारत और आयरलैंड के बीच यह टी-20 मुकाबला बेलफास्ट शहर में खेला जा रहा है. कयास लगाये जा रहे थे कि इस मैच में ही वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच के प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली.

Vaibhav Sooryavanshi Debut

Vaibhav Sooryavanshi Debut

Vaibhav Sooryavanshi Debut: 26 जून को पूरा भारत, इंडियन क्रिकेट टीम के प्लेइंग इलेवन का इंतजार कर रहा था. सभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को अपनी आंखों से देखना चाहते थे. भारत और आयरलैंड के बीच यह टी-20 मुकाबला बेलफास्ट शहर में खेला जा रहा है. इस मैच का क्रेज इतना है कि स्टेडियम फुल होने के बाद आयरलैंड क्रिकेट को स्टेडियम की क्षमता को बढ़ाना पड़ा. कयास लगाये जा रहे थे कि इस मैच में ही वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच के प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. आखिर जिस क्रिकेटर ने आईपीएल डॉमिनेट किया, जिसने श्रीलंका ए की टीम को चारों खाने चित्त कर दिया, उस क्रिकेटर को टीम में क्यों नहीं रखा गया. इसके पीछे का क्या कारण है? आईये जानते हैं.

दरअसल जब भारतीय टीम विदेशी दौरे पर जाती है तो उस परिस्थिति में प्लेइंग इलेवन में कौन खिलाड़ी रहेगा, इसका फैसला कोच के हाथों में होता है. अगर कोच को लगता है कि कोई खिलाड़ी नेट्स में नर्वस लग रहा है, तो उसे प्लेइंग इलेवन में रखना है या नहीं यह कोच डिसाइड करता है. हालांकि प्लेइंग इलेवन चुनते वक्त कोच कुछ चीजों को ध्यान में रखता है.

जो सीनियर है उसे पहले मौका

क्रिकेट में कुछ बुनियादी नियमों को हर कोई मानता है, जैसे जो खिलाड़ी फॉर्म में है उसे मौका दो. वैभव सूर्यवंशी इस केस में यह 100 फीसदी खरा उतरते हैं. पहले IPL फिर श्रीलंका में आयोजित ट्राई सीरीज, में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से जो खौफ पैदा किया, उसे हर कोई जानता है.

आयरलैंड दौरे पर गई टीम को लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि कोई खिलाड़ी अपने खराब फॉर्म से जूझ रहा है. चाहे वो अभिषेक शर्मा हों या फिर संजू सैमसन, सभी ने आईपीएल से लेकर टी-20 वर्ल्ड कप में जबरदस्त प्रदर्शन किया. जिसकी बदौलत भारत ने दूसरी बार वर्ल्ड कप उठाया.

अगर सभी खिलाड़ी फॉर्म में हैं, ऐसे में यहां पर एक और नियम काम करता है, और वो है सीनियरटी का. जो खिलाड़ी सीनियर है, उसे मौका मिलता है. वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 साल के हैं और अपनी डेब्यू की राह देख रहे हैं. ऐसे में भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर ने उनकी जगह किसी और क्रिकेटर को मौका दिया.

तैयारी और नेट्स में प्रैक्टिस भी निभाती है अहम भूमिका

कोच उसी खिलाड़ी को ही प्लेइंग इलेवन में रखता है, जिसने नेट्स पर जबरदस्त प्रैक्टिस की हो. वहां कोच खिलाड़ी का लय, उसके शॉट्स और उसके मेंटल फिटनेस को देखता है. भारतीय टीम ने आयरलैंड में सिर्फ एक दिन प्रैक्टिस की. ऐसे में खिलाड़ियों को खुद को उस वातावरण में ढालने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाया. इस स्थिति में कोच सीनियर खिलाड़ियों को मौका देते हैं. क्योंकि सीनियर खिलाड़ी, जूनियर खिलाड़ियों के मुकाबले नेट्स में ज्यादा पसीना बहाये होते हैं.

कोच और कप्तान की रणनीति

भारतीय टीम के प्लेइंग इलेवन में कौन रहेगा कौन नहीं. इसका निर्णय कोच और कप्तान मिलकर करते हैं. भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर ने आयरलैंड के खिलाफ जो रणनीति बनाई होती है, प्लेइंग इलेवन में वो अपनी रणनीति के मुताबिक खिलाड़ियों को रखते हैं. हो सकता है कि कोच और कप्तान ने मिलकर जो रणनीति बनाई है, वैभव उस रणनीति में फिट नहीं बैठ रहे हों.

ये भी पढ़ें- IND vs IRE: वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए आयरलैंड का मास्टर प्लान, मैच से पहले अनुभवी बल्लेबाज ने किया बड़ा खुलासा

वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में नहीं होने से करोड़ों प्रशंसकों को जरूर निराशा हाथ लगी है. हर कोई बेबी बॉस के डेब्यू का साक्षी होना चाहता था, लेकिन टीम मैनेजमेंट उसको लेकर कोई और रणनीति बनाई है. हो सकता है कि सोची समझी प्रक्रिया के तहत वैभव को अगली बार टीम में जगह मिल जाए.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read