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Anant Singh

Bihar Election Jail Politics: मोकामा में हुई वारदात के बाद JDU प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है. हालांकि, जेल से चुनाव लड़ने वालों में वह अकेले नहीं है. बिहार चुनाव में RJD उससे कई ज्यादा आगे है.

Bihar Elections 2025: विधानसभा चुनाव में मोकामा सीट पर जेडीयू ने हत्या के आरोपी अनंत सिंह को खुला समर्थन दिया है. ललन सिंह और सम्राट चौधरी ने उनके लिए प्रचार किया.

Bihar Election 2025: पटना पुलिस ने मंगलवार को बताया कि अनंत कुमार सिंह के चुनाव प्रचार में कथित तौर पर बिना जरूरी इजाजत के इस्तेमाल हो रही दो गाड़ियों को जब्त किया गया है.

Bihar की राजनीति में बड़ा हंगामा! Anant Singh के जेल जाने के बाद सैकड़ों महिलाएं उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आईं। लोगों का कहना है कि Anant Singh ही उनके असली नेता हैं। क्या यह जनसमर्थन आने वाले Bihar Election 2025 का रुख बदल सकता है? देखिए हाजीपुर और मोकामा से आई यह बड़ी रिपोर्ट।

कैबिनेट मंत्री ललन सिंह अनंत सिह की जीत सुनिश्चत करने के लिए पूरा ज़ोर लगा रहे है. वह मोकामा में लोगों से मिल रहे हैं और बाहुबली नेता को जिताने की अपील कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने पंडारक से मोकामा तक 30KM लंबा रोड शो भी किया.

बाढ़ अनुमंडल के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल इन दिनों काफी गर्म है। अनंत सिंह के जेल जाने के बाद अब जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री सह सांसद ललन सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है।

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में खूनी प्रचार के कारण मोकामा सीट (Mokama Political Scenario) का नाम देशभर में छाया हुआ है. जानिए छोटे सरकार यानी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद समीकरण क्या कह रहे हैं?

Anant Singh Mokama: अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है. राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक दांव बता रहे हैं. नीतीश कुमार को चुनाव अगड़ा बनाम पिछड़ा पर होने का डर सता रहा है.

Anant Singh Arrest: मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. अनंत सिंह को पुलिस रिमांड पर भी लिया जाएगा.

Dularchand Yadav Murder Case: मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या ने भूमिहार-यादव के शक्ति संतुलन को हिलाकर रख दिया है. वर्षों से सुसुप्त अवस्था में पड़े जातीय हिंसा को यह हत्या फिर से जीवित कर सकती है. मोकामा में भूमिहार सबसे ज्यादा हैं, लेकिन यादव और धानुक भी कम नहीं हैं.