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Axiom 4 Mission

Axiom-4 एक प्राइवेट स्पेस मिशन है जिसे अमेरिकी कंपनी Axiom Space, NASA और SpaceX की साझेदारी में चला रही है. यह मिशन पूरी तरह से कमर्शियल है, यानी सरकारों से अलग, प्राइवेट लेवल पर संचालित हो रहा है. लेकिन खास बात ये है कि शुभांशु शुक्ला की इस यात्रा को भारत सरकार ने पूरी तरह फंड किया है.

शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 Mission के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का परचम लहराया. 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है. राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी शाबासी...

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 41 साल बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे. उड़ान से पहले उन्होंने पत्नी कामना के लिए भावुक नोट लिखा, जिसमें उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लिए अंतरिक्ष का सफर ऐतिहासिक है. वो अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बनने की राह पर हैं. वह अपने साथ 1.4 बिलियन भारतीयों की इच्छाएं, उम्मीदें और आकांक्षाएं लेकर चले हैं.

शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने एक वीडियो में कहा, “मैंने बचपन में उनके बारे में किताबों में पढ़ा और कहानियों में सुना. मैं उनसे बहुत प्रभावित हुआ.

Ax-4 मिशन, भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए 40 वर्षों के बाद पहली बार किसी सरकारी प्रायोजित मानव अंतरिक्ष उड़ान को साकार करता है.

Axiom Mission-4: नासा ने मंगलवार को जानकारी दी. 'एक्सियम मिशन-4' (Axiom Mission-4) मिशन में भारत ही नहीं हंगरी और पोलैंड की भी अंतरिक्ष में वापसी हो रही है.

ISRO ने एक बयान में कहा, "इसरो, एक्सिओम स्पेस और स्पेसएक्स के बीच एक समन्वय बैठक के दौरान, यह पुष्टि की गई कि फाल्कन 9 प्रक्षेपण यान में पाई गई तरल ऑक्सीजन रिसाव को सफलतापूर्वक हल कर लिया गया है.”

Axiom-4 मिशन में भारत के अलावा पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं. शुभांशु शुक्ला को यह अवसर वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान मिला था.