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DK Shivakumar

Karnataka Politics: कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच सियासी खींचतान लंबे समय से जारी है. नवंबर-दिसंबर में आलाकमान को दखल देना पड़ा था. अब राहुल गांधी के दौरे पर दोनों नेताओं की पहली मीटिंग होगी.

Karnataka Politics: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 7 जनवरी 2026 को राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ा. इस उपलब्धि पर डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

Karnataka Politics: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने सीएम बदलने की अटकलों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि कोई 2.5 साल का समझौता नहीं हुआ था और वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे.

Congress Protest: कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाकर दिखाए.

Karnataka Politics: कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे सियासी नाटक का पटाक्षेप होता नजर आ रहा है. आज डीके शिवकुमार के साथ ब्रेकफास्ट करने के बाद सीएम सिद्धारमैया ने उनके मुख्यमंत्री बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. (Siddaramaiah on DK Shivakumar)

Karnataka political Crisis: कर्नाटक के सियासी संकट में एक बार फिर से नई चर्चा शुरी हो गई है. क्योंकि, अब डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री एस सिद्दारमैया को ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया है.

कर्नाटक कांग्रेस इन दिनों अपने सबसे कठिन राजनीतिक दौर से गुजर रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता हस्तांतरण को लेकर तनाव खुलकर सामने आ चुका है.

Karnataka Congress Political Crisis: कर्नाटक कांग्रेस और सरकार में इन दिनों गहरा नाटक चल रहा है. इस बीच शनिवार को सीएम सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग हुई. आइये जानें इसमें क्या-क्या हुआ?

Karnataka Politics: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा मोड़! सिद्धारमैया और शिवकुमार की मुलाकात से सीएम पद को लेकर चल रही अटकलें और तेज हो गई हैं. हाईकमान के फैसले पर दोनों नेताओं ने भरोसा जताया है.

कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) और डिप्टी CM शिवकुमार (Deputy CM DK Shivakumar) के बीच ढाई–ढाई साल के फार्मूले को लेकर खींचतान तेज हो गई है. दोनों के गुटों में खुले संघर्ष से कांग्रेस (Congress) की छवि प्रभावित हो रही है, जबकि बीजेपी (BJP) इस स्थिति को अपने लिए फायदेमंद मान रही है. हाईकमान स्थिति संभालने के लिए दोनों नेताओं को दिल्ली बुला सकता है.