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GDP

ग्रांट थॉर्नटन प्री-बजट सर्वेक्षण के अनुसार, उद्योग जगत के अधिकांश नेताओं को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था 6-6.9 प्रतिशत के बीच बढ़ेगी, जिसे तकनीकी प्रगति और व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए सुधारों का समर्थन प्राप्त होगा.

डेलॉयट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार खुदरा निवेशकों के बढ़ते महत्व को स्वीकार करती है और आगामी केंद्रीय बजट 2025-26 में उनकी भागीदारी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है.

भारत ने आजादी के वक्त यानी 26 नवंबर 1947 को महज 171.15 करोड़ रुपये का अपना पहला बजट पेश किया था, जो कि 23 जुलाई 2024 तक 48 लाख 20 हजार 512 करोड़ पहुंच चुका है.

11 जुलाई, 2024 को जुटाया गया STT 16,634 करोड़ रुपये था. यह 10 अक्टूबर को 30,630 करोड़ रुपये, 10 नवंबर को 35,923 करोड़ रुपये और 17 दिसंबर को 40,114 करोड़ रुपये हो गया.

CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "विकास के दो महत्वपूर्ण चालकों, निजी निवेश और रोजगार, के सकारात्मक दिखने के साथ हमें विश्वास है कि इस वर्ष समग्र विकास 6.4-6.7 प्रतिशत के आसपास रहने की संभावना है. वित्त वर्ष 26 में यह 7 प्रतिशत हो सकता है."

ऋण श्रेणी के अंतर्गत भारतीय कंपनियों द्वारा OFDI 2024 में 8.7 अरब डॉलर था, जबकि पिछले कैलेंडर वर्ष में यह 4.76 अरब डॉलर था. घरेलू फर्मों द्वारा जारी गारंटी 2023 में 18.44 अरब डॉलर के मुकाबले 2024 में घटकर 16.29 अरब डॉलर रह गई.

World Bank ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि टैक्स रेवेन्यु  बढ़ने के कारण भारत के राजकोषीय घाटे में लगातार कमी आने की उम्मीद है.

FICCI) ने गुरुवार (16 जनवरी) को अनुमान लगाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 26 में 6.5-6.9 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी, जो इनफ्लेशन के दबाव में कमी, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर निरंतर जोर और उपभोक्ता खर्च में तेजी के कारण होगी.

इंडस्ट्रियल बॉडी पीएचडीसीसीआई (PHDCCI) ने चालू वित्त वर्ष में देश की GDP 6.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 26 में 7.7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगाया है.

कृषि और उससे जुड़े हुए सेक्टरों की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस सेक्टरों में पिछले वित्त वर्ष में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.