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Hemant Soren

राज्यपाल की मानें तो उनका राजभवन केवल राज्य में कानून व्यवस्था की निगरानी कर रहा है. उनका कहना है कि दुर्भाग्य से कानून व्यवस्था बदतर होती जा रही है, जो चिंताजनक है.

Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से आज एक दूत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर भेजा गया. जिसने ईडी को पत्र सौंपा. उस पत्र में क्या कहा गया, आइए जानते हैं—

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच रार ठनी हुई है. ईडी कई दफा मुख्यमंत्री को समन दे चुकी है. हालांकि, वो पेश नहीं हो रहे.

नए साल के पहले दिन झारखंड में राजनीति गर्मा गई है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि हेमंत सोरेन इस्तीफा देंगे और उनकी पत्नी मुख्यमंत्री बनेंगी. अब विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद के अपडेट्स जानिए-

इतना ही नहीं निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि राज्यपाल झारखंड को कानूनी सलाह लेना चाहिए,झारखंड विधानसभा का गठन 27 दिसंबर 2019 को हुआ. सरफराज अहमद का इस्तीफा 31 दिसंबर को हुआ. एक साल से कम समय में चुनाव नहीं हो सकता.

15 Lakh Rupees for Students: विद्यार्थियों के लिए हेमंत सरकार ने सराहनीय घोषणा की. सरकार विद्यार्थियों को 15 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी. जानिए क्या बोले सीएम?

Ranchi: हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि सीएम ने सम्मन का पहले भी उल्लंघन किया है. वे ईडी के किसी भी सम्मन पर उपस्थित नहीं हुए.

Hemant Soren: मालूम हो कि वर्ष 2014 के चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने गए थे. उस दौरान उनपर आचार संहिता उलंघन का मामला दर्ज किया गया था.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी से समन मिला था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से उन्हें झटका लगा है. जानिए मामला...

इससे पहले अवैध खनन मामले में मुख्यमंत्री से ईडी के रांची कार्यालय में उनकी पत्नी समेत करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गयी थी.