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Hindi National News

उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश सरकार ने कार्रवाई की है. जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रधानाचार्य को हटा दिया है. साथ ही कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आरोप पत्र एवं तीन अन्य को निलंबित किया गया है.

छात्रों के साथ एक सत्र में, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्वतंत्रता के 100वें वर्ष (2047) तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने पर अपनी सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी और बताया कि देश की प्रगति और विकास में युवा कैसे योगदान दे सकते हैं.

दिल्ली कैपिटल्स ने नीलामी में अपने पूर्व कप्तान के लिए राइट टू मैच कार्ड का इस्तेमाल किया, लेकिन लखनऊ ने अपने संभावित कप्तान को हासिल करने के लिए बोली को 20.75 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 27 करोड़ रुपये कर दिया.

परियोजना के साथ बेहतर गुणवत्ता के साथ आसान पहुंच और सर्विस की तेज डिलिवरी सुनिश्चित होगी. इसके अलावा, यह डेटा और सत्यापन का सिंगल सोर्स होगा.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें केंद्र सरकार ने 19 दिसंबर तक निर्णय देने की बात की. याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता का दावा करते हुए उनकी भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस पर भारत के संविधान की ताकत और बदलाव की दिशा में उसकी भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने पिछले 10 वर्षों में हुई विकास योजनाओं और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार की बात की.

ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में 2009 में IPL के दूसरे सीजन को लेकर कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए और कहा कि चुनावों पर असर डालने की वजह से IPL का आयोजन भारत में नहीं हो पाया. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि दाऊद इब्राहीम से जान से मारने की धमकी मिलने पर उन्होंने देश छोड़ा था.

पिछली सुनवाई में जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि अगर दो सप्ताह में याचिका पर विचार नहीं किया जाता है तो हम राजोआना को अंतरिम राहत देने पर विचार करेंगे.

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एक शादी समारोह के दौरान एक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई. विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में बढ़ते दिल के दौरे के मामलों के पीछे खराब जीवनशैली, तनाव और अन्य कारण जिम्मेदार हैं.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियां रद्द करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और पूर्व सीपीएस से जवाब मांगा. फिलहाल हटाए गए विधायकों को अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन उनकी पद पर बहाली भी नहीं होगी.