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Aditya-L1 mission launch date and time: सूर्य के अध्ययन के लिए 2 सितंबर को दोपहर 11:50 बजे ISRO सौर मिशन आदित्य L1 लॉन्च करेगा. आदित्य L1 सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली स्पेस बेस्ड इंडियन लेबोरेट्री होगी. इसे सूर्य के चारों ओर बनने वाले कोरोना के रिमोट ऑब्जर्वेशन के लिए डिजाइन किया गया है.

भारत के इसरो प्रमुख का तो यहां तक कहना है कि आधुनिक विज्ञान की उत्पत्ति वेदों से हुई है, परंतु पश्चिमी देशों ने इसे अपनी खोज की तरह प्रस्तुत किया है।

Chandrayaan-3 latest News: भारत की ओर से चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर (Vikram Lander) में चास्टे (ChaSTE) नाम का यंत्र लगाकर भेजा गया है. लैंडर में लगे उस पेलोड का काम है- चांद की सतह की गर्मी और ठंड को रिकॉर्ड करना. वो एक तरह का थर्मामीटर है.

चंद्रयान-3 की चांद के साउथ पोल पर सफल लैंडिंग के बाद रोवर प्रज्ञान ने चंद्रमा पर अपना काम शुरू कर दिया है. रोवर चांद की सतह पर घूम-घूमकर जानकारियां इकट्ठा कर रहा है.

Chandrayaan-3 Rover: इसरो ने शुक्रवार को रोवर प्रज्ञान के लैंडर से बाहर आने का वीडियो शेयर किया था. साथ ही इसरो (ISRO) ने बताया था कि रोवर ने लगभग 8 मीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय कर ली है.

Pakistan On India's Chandrayaan-3 Success: पाकिस्‍तान ने भारत के चंद्रयान-3 की सफलता पर चुप्‍पी तोड़ी है. पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक समाचार ब्रीफिंग के दौरान चंद्रयान-3 को लेकर किए गए सवाल का जवाब दिया, जिसकी अब सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. आइए जानते हैं कि क्‍या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और ग्रीस की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को भारत वापस लौटे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चार दिवसीय विदेश यात्रा को पूरी करने के बाद शनिवार को भारत लौटे. इस दौरान पीएम मोदी दिल्ली न जाकर बेंगलुरु पहुंचे. जहां उन्होंने इसरो के कमांड सेंटर पहुंचकर चंद्रयान-3 मिशन के वैज्ञानिकों से मुलाकात की और उनकी पीठ थपथपाई.

भारत के लिए चंद्रयान-3 की कामयाबी चांद पर बेस बनाने के लिए एक टर्निंग प्वाइंट है मगर इसका घोषित उद्देश्य मानव कल्याण है।

Chandrayaan-3 Rover: अब 14 दिनों तक रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर घूमेगा और यहां से कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाएगा.