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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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Mahakumbh

काशी तमिल संगमम का तीसरा संस्करण 16 फरवरी से 24 फरवरी तक प्रयागराज में आयोजित होगा, जिसमें उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों का साक्षी बनेगा. यह आयोजन "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा.

अदाणी समूह द्वारा महाकुंभ क्षेत्र में सेवा कार्यों का अनंत श्री विभूषित श्रोत्रीय महामंडलेश्वर 1008 श्री स्वामी सद्गुरु स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी महराज श्री पंच दश नाम जूना अखाड़ा श्री राम क्षेत्र महा संस्थानम दक्षिण कन्नड़, कर्नाटक ने प्रशंसा किया एवं साधुवाद दिया है.

महाकुम्भ 2025 में माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था अब पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित हो रही है

योगी सरकार ने महाकुम्भ-2025 को अद्वितीय, अविस्मरणीय व अभूतपूर्व बना दिया है. इसके उपरांत फाल्गुन मास में भी त्रिवेणी तट पर संस्कृति, पर्यावरण व बर्ड फेस्टिवल का 'संगम' होगा.

योगी सरकार एक अनूठी पहल करते हुए महाकुम्भ में 2000 निराश्रित वृद्धजनों को संगम स्नान कराने की व्यवस्था की है.

प्रयागराज जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए पार्किंग स्थलों से संगम तक शटल बसों, ई-रिक्शा और ऑटो की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, वीकेंड पर भीड़ को नियंत्रित करने और बोर्ड परीक्षाओं के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं.

महाकुंभ में नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोलहेम ने इस आयोजन को दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और मानव समागम बताया. उन्होंने कहा कि यह अद्वितीय अनुभव था और यह महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का बेहतरीन उदाहरण है.

महाकुंभ के माघ पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ कल्पवासियों की आध्यात्मिक यात्रा का समापन हुआ. 10 लाख से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी तट पर स्नान, दान और गंगा मैया का आशीर्वाद लेकर घर लौटे, जबकि प्रशासन ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विशेष योजना लागू की.

महाकुंभ में माघ पूर्णिमा के दिन कल्पवास का समापन हुआ, लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई और विधिपूर्वक व्रत का पारण किया. इस दिन कल्पवास के सभी धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण किए गए.

समाज कल्याण विभाग ने महाकुंभ क्षेत्र में पहली बार वरिष्ठजनों के लिए 100 बेड की क्षमता वाला आश्रम स्थापित किया है. यहां निःशुल्क भोजन, ठहरने और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की गई है.