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आईएमडी ने 27 जुलाई के लिए दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कई क्षेत्रों में 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने, जलभराव, भूस्खलन और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.

बरसात के मौसम में नमी और एसिडिक बारिश की वजह से बालों में डैंड्रफ, इंफेक्शन और हेयर फॉल की समस्या बढ़ जाती है. जानिए बालों को मजबूत बनाने, स्कैल्प को इंफेक्शन से बचाने के लिए आसान उपाय और असरदार प्याज का नुस्खा.

बंगाल की खाड़ी में बने सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण देश के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. दिल्ली, यूपी, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड और हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है.

आईएमडी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर सिस्टम अगले 48-60 घंटों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का कारण बन सकता है. यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में बाढ़ व भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में उमस बनी रह सकती है.

उत्तर भारत में मानसून पूरी तरह एक्टिव है. मौसम विभाग ने अगले 10 घंटों के भीतर देश के 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. इस दौरान पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और दिल्ली-NCR में उमस बढ़ने की संभावना है.

आईएमडी ने देश के 22 राज्यों में अगले कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है...

आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और कई राज्यों में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है, लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है...

देश में जून के दौरान औसत से 40% कम बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 25 वर्षों में तीसरी सबसे कम बारिश है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहा 'सुपर अल-नीनो' भारतीय मानसून को प्रभावित कर रहा है. इसके चलते आने वाले दिनों में दूध, डेयरी उत्पाद, दालें और हरी सब्जियां महंगी होने की आशंका बढ़ गई है.

देशभर में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम का मिजाज बिगड़ गया है. राहत बनकर आई बारिश अब आफत बन चुकी है. हिमाचल प्रदेश में बादल फटने, मध्य प्रदेश में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत होने और उत्तर प्रदेश में पिकनिक मनाने गए लोगों के नाले के तेज बहाव में बहने जैसी दुखद खबरें सामने आई हैं.

1920 के दशक में आईएमडी के प्रमुख सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा की गई 'दक्षिणी आक्सिलेशन' (Southern Oscillation) की खोज ने भारतीय मॉनसून के पूर्वानुमान को हमेशा के लिए बदल दिया. इस खोज ने साबित किया कि मॉनसून कोई स्थानीय घटना नहीं बल्कि एक वैश्विक प्रणाली है.