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Nisar Details: इसरो और नासा का मिशन Nisar पूरी दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने वाला प्रोजेक्‍ट होगा. इसका रडार इतना दमदार होगा कि यह 240 किलोमीटर तक के क्षेत्रफल की एकदम साफ तस्वीरें ले सकेगा. जानिए कब होगा लॉन्‍च-

स्पेस में मौजूद एक एस्टेरॉयड के सैंपल को हासिल करने के लिए नासा के अंतरिक्ष यान OSIRIS-REx ने अरबों किलोमीटर का सफर तय किया. इस प्रोजेक्ट में सात साल का वक्त लगा. हालांकि एस्टेरॉयड के पास पहुंचकर OSIRIS-REx ने सिर्फ 16 सेकेंड में सैंपल कलेक्शन कर लिया.

कुछ रोज पहले एलियन के शव को मैक्सिको की संसद में दिखाया गया था. दावा किया गया कि ये शव 1 हजार साल पुराने हैं. अब नासा ने एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पृथ्वी के वायुमंडल में एलियन तकनीक होने से इंकार नहीं किया जा सकता है.

भारत के इसरो प्रमुख का तो यहां तक कहना है कि आधुनिक विज्ञान की उत्पत्ति वेदों से हुई है, परंतु पश्चिमी देशों ने इसे अपनी खोज की तरह प्रस्तुत किया है।

Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा और लैंडर विक्रम ने तय समय के मुताबिक लैंडिंग की प्रक्रिया पूरी की.

रिपोर्ट के मुताबिक, नासा को अंतरिक्ष में मार्स और जुपिटर ग्रहों के बीच में एक ऐसा उल्कापिंड ( एस्टेरॉयड) मिला है जिसकी कीमत इतनी है कि पूरे धरती पर रहने वाले लोगों की गरीबी मिट सकती है.

Space Flower: नासा ने स्पेस फ्लावर की खूबसूरत तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा इंटरनेशनल स्पेस पर ऐसी सुविधा के हिस्से के रुप में इस zinnia को उगाया गया था.

वॉशिंगटन: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने पृथ्वी को ऐस्टेरॉइड से बचाने के सफल परीक्षण कर लिया है.  NASA  का यह प्रयोग पूरे विश्वव के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है. नासा का डबल ऐस्‍टरॉइड रिडायरेक्‍शन टेस्‍ट(DART) स्‍पेसक्राफ्ट  ऐस्टेरॉइड डिमोरफोस से आज भारतीय समयानुसार  सुबह करीब 5:30  बजे डार्ट ऐस्टरॉइड  से टकरा गया है.इस टक्कर …

नई दिल्ली- आसमान में चमचमाते चांद-तारों की दुनिया बेहद रहस्यमयी है. चांद और ग्रहों को जमीन से देखते-देखते विज्ञान तकनीक की मदद से वहां तक पहुंच गया. लेकिन नीले आसमान में कभी-कभी ऐसी चमत्कारी चीजें देखने को मिलती है जिसका जवाब अभी भी विज्ञान के पास नहीं है. ऐसी ही एक चीज की चर्चा NASA …