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Political News

Maharashtra Deputy CM: एनसीपी प्रमुख (NCP) और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के निधन के बाद उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) महाराष्ट्र की नई डिप्टी सीएम बन गई हैं। महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुटों का विलय 8 फरवरी को होने वाला था, लेकिन अजित पवार के निधन से प्लान टल गया। शरद पवार (sharad pawar) और अजित की बैठकों से अटकलें लग रहीं थीं, अब एक और वीडियो आया सामने।

भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर एक अहम समझौता हुआ है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जनवरी से दिसंबर 2026 के बीच भारत से 1 लाख 80 हजार टन डीजल आयात करने का फैसला किया है. ये डीजल कहीं और से नहीं बल्कि भारत की सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से खरीदा जाएगा.

पाकिस्तान की आर्थिक हालत कितनी नाज़ुक है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे मंच को अब वो वैश्विक आर्थिक विमर्श नहीं, बल्कि निवेश जुटाने और भरोसा मांगने के मंच के तौर पर देख रहा है. जनवरी 2026 में दावोस में होने वाली World Economic की मीटिंग से पहले पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है. विदेशी कर्ज़, IMF की सख़्त शर्तें, गिरता उद्योग और राजनीतिक अस्थिरता. इन सबके बीच पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निवेश और भरोसा जुटाने की कोशिश में है.

बांग्लादेश में तारिक रहमान की एंट्री ने शेख हसीना की टेंशन बढ़ा दी है. वहीं इससे पहले मोहम्मद यूनुस और उनकी टीम से उलझ रही आवामी लीग के लिए इसे एक और बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि तारिक की पार्टी बीएनपी बांग्लादेश की सबसे बड़ी पार्टी है और आने वाले चुनाव में तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. ऐसे में तारिक की ढाका वापसी ऐसे वक्त में हुई है, जब चुनाव के बीच शेख हसीना और उनकी पार्टी को फिर से सियासी मैदान में उतरने की उम्मीद जगी थी.

बांग्लादेश की राजनीति और छात्र आंदोलनों को लेकर इस समय एक बड़ी खबर सामने आ रही है. साल 2024 के चर्चित छात्र विद्रोह में अहम भूमिका निभाने वाले छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी का बीते गुरुवार यानी 18 दिसंबर 2025 को निधन हो गया. सिंगापुर के विदेश मंत्रालय की ओर मिली जानकारी के अनुसार, उसकी मौत किसी हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण हुई, जिसमें उसे गोली मारी गई थी. इस खबर के आने के बाद से ही बांग्लादेश में शोक और तनाव का माहौल बन गया है.

दिसंबर 2025 को बिहार की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हुआ, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण किया। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने शपथ दिलाई और सबसे पहले उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ली। इस बार सदन की संरचना में बड़ा बदलाव दिखाई देता है—निर्दलीय विधायक नहीं हैं और विपक्ष काफी कमजोर हुआ है। एनडीए 202 सीटों के साथ मजबूत बहुमत में है। 3 दिसंबर को राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करेंगे, जिसमें सरकार की नीतियों और आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा पेश की जाएगी। यह सत्र बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

बिहार चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार में बीजेपी का दबदबा साफ दिखा, क्योंकि 14 मंत्री बीजेपी से और सिर्फ 8 जेडीयू से शामिल किए गए हैं। दो डिप्टी सीएम बनाकर बीजेपी ने सत्ता संतुलन में अपनी मजबूत भूमिका दर्ज करा दी है। मंत्रिमंडल में संतोष सुमन, दीपक प्रकाश, मंगल पांडेय, श्रेयसी सिंह, लेशी सिंह जैसे नाम विशेष चर्चा में हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है—क्या यह मंत्रिमंडल सीट शेयरिंग का नतीजा है, या बिहार की राजनीति में सत्ता का नया समीकरण तैयार हो रहा है..

उत्तर प्रदेश में शुरू हुए SIR यानी Special Intensive Revision का पूरा उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट, मृतक और फर्जी वोट हटाए जाते हैं ताकि चुनाव पारदर्शी रहें। बिहार में भी यह प्रक्रिया हो चुकी है जहाँ लाखों नाम हटाए गए थे। यूपी में भी अनुमान है कि 30–50 लाख नाम कट सकते हैं, इसलिए जागरूक रहना बहुत ज़रूरी है। अपना नाम वोटर लिस्ट में अवश्य जांचें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत सुधार करवाएँ। SIR आपके वोट को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।

Bihar Political Tussle: बिहार चुनाव परिणाम से साफ है कि NDA सरकार बनाने जा रही है. हालांकि, इतने बड़े बहुमत के बाद भी BJP और JDU में माथापच्ची जारी है.

बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी का जितना बुरा हाल इस बार हुआ वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था. इस चुनाव में उसे महज 25 सीटों से संतोष करना पड़ा है. जबकि पूरे महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं. तेजस्वी यादव के सभी दावे और बड़े-बड़े दावे धरे के धरे रह गए हैं. पार्टी की बुरी हार के बाद अब परिवार में महाभारत शुरू हो गई है. इस पूरी सियासी महाभारत के केंद्र में अगर किसी बड़े किरदार का नाम आता है तो वो हैं संजय यादव , ये वही संजय हैं, जिन्हें तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप जयचंद की संज्ञा दे रहे हैं.वहीं इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है, वो है रमीज नेमत खान का. इन दोनों का जिक्र करते हुए तेजस्वी की बहन रोहिणी ने परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है.