Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Rajya Sabha

संसद के विशेष सत्र में आज (शुक्रवार) महिला आरक्षण, परिसीमन समेत तीन अहम विधेयकों पर वोटिंग होने जा रही है, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है. सरकार इन विधेयकों को ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष समय और मंशा पर सवाल उठा रहा है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए हरिवंश जी को राज्यसभा के लिए नामित किया है. 4 दशक के पत्रकारिता अनुभव और 12 वर्षों के सफल संसदीय कार्यकाल (उपसभापति सहित) के बाद, उनका ये मनोनयन लोकतंत्र में 'विवेक और अनुभव' की महत्ता को दर्शाता है.

राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने गए, पीएम मोदी ने उनके जीवन से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया. वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर पद खाली होने पर नाराजगी जताई...

Women Reservation Bill 2026: संसद के विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' और परिसीमन पर 3 बिल पेश होने वाले हैं. NDA को 2/3 बहुमत के लिए लोकसभा में 67 और राज्यसभा में 21 अतिरिक्त वोटों की दरकार है. जानें विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध?

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है. लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं.

आज का दिन भारत की राजनीति में एक मील का पत्थर साबित होने वाला बन गया. सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने राज्यसभा में शपथ लेकर भारत की पहली खुलकर LGBTQ+ समुदाय से जुड़ी संसद सदस्य बनकर इतिहास रचा है.

Dr Dinesh Sharma Rajya Sabha Speech: राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने देश में बदलती जनसांख्यिकीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया है.

AAP On Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने ही सबसे मुखर और लोकप्रिय युवा चेहरे राघव चड्ढा के खिलाफ एक ऐसा कड़ा 'एक्शन' लिया है, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है. इसके लिए पार्टी ने राज्यसभा को पत्र भी लिखा है.

राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पारित हो गया. विपक्ष ने विधेयक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की और वॉकआउट किया.

बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं.