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Ramayana

Shri Ram's Character & Appearance: रामनवमी के अवसर पर श्रीराम के रंग-रूप, स्वभाव और शारीरिक आकार के बारे में जानिए वाल्मीकि रामायण से. उनका चरित्र कैसा था, उनमें दया, विनम्रता और साहस के प्रति क्या दृष्टिकोण था.

पाशुपतास्त्र भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक था. इसे पाने के लिए केवल शौर्य नहीं, बल्कि तप, संयम और भक्ति की भी आवश्यकता थी. आज भी यह अस्त्र भारतीय पौराणिक कथाओं में रहस्य और शक्ति का प्रतीक बना हुआ है.

Largest Temple In Bihar: बिहार में बन रहा विराट रामायण मंदिर, एरिया के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर होगा. यहीं पर 17 जनवरी को 210 टन वजनी शिवलिंग की भव्य स्थापना कराई जाएगी.

साल 2026 सनी देओल के लिए बहुत खास होगा. उनकी अलग-अलग जॉनर की फिल्में जैसे वॉर, माइथोलॉजी, हिस्टोरिकल, कॉमेडी और एक्शन सब कुछ होगा. बड़े सितारों के साथ काम और फ्रेंचाइजी फिल्में फैंस के लिए खुशी की बात है.

रावण बुराइयों का प्रतीक था. हालांकि, वह एक महान तपस्वी और विद्वान भी था, लेकिन उसके अत्‍याचारों और अहंकार ने उसे बुरी मौत मरवाया. विभीषण को छोड़कर उसका पूरा कुनबा मारा गया. भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के हाथों उसका वध हुआ.

महाभारत और रामायण हमारे सबसे बड़े महाकाव्य हैं. रामायण सृष्टि के दूसरे युग त्रेता, तो वहीं महाभारत तीसरे युग द्वापर की कहानी है, जिनके बीच (लाखों वर्ष) समय का बहुत बड़ा अंतर रहा. ऐसी कई शख्सियत थीं, जो रामायण और महाभारत-काल दोनों का हिस्सा रहीं.

रावण परशुराम से आयु में बड़ा था, फिर भी दोनों में युद्ध नहीं हुआ. रावण को राम के हाथों मरना था. परशुराम ने रावण को कार्तवीर्यार्जुन की कैद से मुक्त किया था. यह ईश्वरीय लीला थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैंकॉक यात्रा भारत-थाईलैंड के सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूती देगी. वहां उनके लिए किए गए स्वागत समारोह, रामायण के मंचन और द्विपक्षीय वार्ता ने नई ऊँचाइयाँ छुईं.

PM Modi's Thailand Visit: पीएम मोदी थाईलैंड यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय से मिले और थाई रामायण का मंचन देखा. उन्‍होंने थाई प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की. कल वे थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न और रानी सुथिदा से भी मुलाकात करेंगे.

संस्कृति के महाकुम्भ में बॉलीवुड सिंगर मोहित चौहान के गीतों के साथ ओडिसी, कथक, भरतनाट्यम और लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ होंगी. विभिन्न पंडालों में रामायण, रामलीला, भजन और नाट्य प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी.