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RBI

आरबीआई (RBI) गवर्नर ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है.

ऑनलाइन लेनदेन को अपनाने को मापने वाले आरबीआई के सूचकांक के अनुसार, मार्च 2025 तक देश भर में डिजिटल भुगतान में साल-दर-साल 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

RBI's Digital Payments Index: आरबीआई ने बताया- मार्च 2025 में डिजिटल भुगतान सूचकांक (RBI‑DPI) 493.22 पर जा पहुंचा, जो सितंबर 2024 के 465.33 और मार्च 2024 के 445.50 से ज्‍यादा रहा.

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 30 जून, 2025 तक, पब्लिक सेक्टर के बैंकों के पास 58,330.26 करोड़ रुपये की दावा न किए गए जमा राशि थी, जबकि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के पास 8,673.72 करोड़ रुपये थे.

भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से देश के कई सेक्टर्स को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी, इसमें मैन्युफैक्चरिंग से लेकर सर्विसेज इंडस्ट्री शामिल हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट में 50 रुपये के सिक्के जारी करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार ने कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है. वित्त मंत्रालय ने हलफनामा दायर कर बताया कि जनता सिक्कों की तुलना में नोटों को अधिक पसंद करती है.

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अच्छे मानसून, ब्याज दरों में कटौती और ग्रामीण सहयोग के चलते भारत की 2025-26 की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.5% किया है. रिपोर्ट में सरकारी खर्च, निवेश और निजी खपत में तेजी की संभावना जताई गई है, हालांकि वैश्विक अनिश्चितता और निर्यात पर असर की आशंका बनी हुई है.

आरबीआई ने कहा कि पूरे वर्ष 2024-25 के लिए भारत का चालू खाता घाटा 23.3 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.6 प्रतिशत) रहा, जो 2023-24 के दौरान 26 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.7 प्रतिशत) से कम था.

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में लगातार सुधार के संकेत दिख रहे हैं. सरकारी खर्च बढ़ रहा है और आरबीआई अधिक सहायक या 'शांत' नीति रुख की ओर बढ़ रहा है. यह, मुद्रास्फीति में कमी के साथ मिलकर शेयर बाजार के लिए अच्छा माहौल बना रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि ने 2024-25 के दौरान अधिकांश प्रमुख फसलों के उत्पादन में व्यापक आधार पर वृद्धि दर्ज की. घरेलू कीमतों की स्थिति सौम्य बनी हुई है और मई में लगातार चौथे महीने हेडलाइन मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे रही.