Bharat Express DD Free Dish

Sabarimala case

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े पुनर्विचार याचिकाओं पर 16 दिन चली मैराथन सुनवाई के बाद 9 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है.

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामले में दायर याचिका पर सख्त टिप्पणी करते हुए इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन से पूछा कि उन्होंने यह याचिका क्यों दायर की और क्या वे देश के मुख्य पुजारी हैं.

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले की सुनवाई के दौरान 9 जजों की संविधान पीठ ने कहा कि मंदिर में प्रवेश के अधिकार पर विचार करते समय यह देखना जरूरी है कि याचिकाकर्ता श्रद्धालु है या नहीं है.

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने टिप्पणी की कि वह सभी बड़े लेखकों और विचारकों की राय का सम्मान करते हैं, लेकिन व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी को स्वीकार नहीं कर सकते.

सबरीमाला मंदिर से जुड़े मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए इन याचिकाओं का समर्थन किया है.