उत्तर प्रदेश में सम्भल जिला स्थित श्री कल्कि धाम में आध्यात्मिक महोत्सव चल रहा है. आज यहां स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने शिरकत की. स्वामी अवधेशानंद गिरि जी ने इस आयोजन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह सनातन धर्म की एकता और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक है.
समारोह में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी, आचार्य प्रमोद कृष्णम जी, और तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी मौजूद थे. इन संतों ने मिलकर धर्मोद्धार और लोक कल्याण की बात कही. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि संत अपने भक्तों के बीच बैठे थे. एक तस्वीर में स्वामी अवधेशानंद जी और आचार्य प्रमोद जी साथ में ध्यानमग्न दिखे.
सनातन धर्म की अखंड परंपरा में वे क्षण अत्यंत विरल होते हैं, जब विभिन्न पीठों और परंपराओं के आचार्य एक ही उद्देश्य धर्मोद्धार, संस्कृति-सुरक्षा एवं लोककल्याण के लिए एकत्रित होकर दिव्य प्रेरणा प्रदान करते हैं। उत्तर प्रदेश के सम्भल स्थित श्री कल्कि धाम में ऐसा ही एक… pic.twitter.com/jMvocEIfOx
— Swami Avdheshanand (@AvdheshanandG) December 1, 2025
कल्कि पुराण का बड़ा महत्व: स्वामी अवधेशानंद
स्वामी अवधेशानंद जी ने बताया कि कल्कि पुराण सिर्फ एक भविष्यवाणी नहीं है. यह हमें सत्य, शुचिता, और साहस का पाठ सिखाता है. उन्होंने कहा कि जब अधर्म बढ़ता है, तब कल्कि अवतार का संदेश प्रेरणा देता है. मंदिर के निर्माण की प्रगति को देखकर सभी खुश हैं. यह जगह भक्तों के लिए एक नया तीर्थ बनने जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने रखी थी कल्कि धाम की नींव
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल्कि धाम मंदिर की नींव रखी थी. उन्होंने कहा कि यह मंदिर भविष्य के लिए एक नया आध्यात्मिक केंद्र बनेगा. उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे. इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्त और स्थानीय लोग मौजूद थे. मंच भव्यता से सजाया गया था, और हल्की ठंड में भी उत्साह देखने को मिला.
अब कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. लोग संतों के प्रति सम्मान जता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “धर्म ध्वजा ऊंची हुई.” दूसरों ने भी गुरुदेव को नमन किया. यह आयोजन सनातन धर्म के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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