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Shaheed Diwas

अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की 95वीं बरसी पर पंकज चतुर्वेदी की नई किताब ‘मेरे भगत सिंह’ चर्चा में है. यह किताब भगत सिंह को केवल एक क्रांतिकारी नायक के रूप में नहीं, बल्कि लाहौर के उस घर के एक लाडले बेटे और जेल की कोठरी में गहन दर्शन पर बहस करने वाले एक प्रखर विद्वान के रूप में पेश करती है.

23 मार्च शहीद दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को नमन किया. पीएम ने कहा कि इन वीरों का बलिदान और साहस हर भारतीय के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है.

स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीश, कर्मचारी और विजिटर ने 2 मिनट का मौन रखा. यह मौन भारत के उन वीर नागरिकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए रखा गया है. यह मौन भारत के उन वीर नागरिकों को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए रखा गया है, जिन्होंने देश की आजादी और स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का योगदान दिया.

30 जनवरी को शहीद दिवस पर रखा जाने वाला दो मिनट का मौन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आज़ादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि है. जानिए कैसे फील्ड मार्शल के.एम. कारियप्पा के सुझाव और पंडित नेहरू की पहल से इस राष्ट्रीय परंपरा की शुरुआत हुई.

Shaheed Diwas: इस दिन महात्मा गांधी के साथ ही उन सभी शहीदों को भी याद किया जाता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए.