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Space Mission

ग्रुप कैप्टन शुभांशु की धरती पर वापसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश से कई केंद्रीय मंत्रियों ने बधाई देते हुए खुशी जताई. पीएम मोदी ने इसे गगनयान मिशन की दिशा में मील का पत्थर बताया.

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला #AxiomMission4 का हिस्सा हैं, जिसमें 4 देशों के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से बाहर हजारों कोस दूर स्थित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर गए हैं. जानिए वहां से उन्‍होंने क्‍या कहा-

शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 Mission के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का परचम लहराया. 41 साल बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है. राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी शाबासी...

Axiom-4 Mission: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 41 साल बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे. उड़ान से पहले उन्होंने पत्नी कामना के लिए भावुक नोट लिखा, जिसमें उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.

Shubhanshu shukla Astronaut: शुभांशु शुक्ला Ax-4 मिशन के जरिए मई 2025 में ISS के लिए उड़ान भरेंगे. वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे. गगनयान कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा.

अंतरिक्ष से धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह भारत के स्पेस प्रोग्राम का हिस्सा बनना चाहेंगी. उन्होंने अंतरिक्ष से दिखे भारत के सुंदर दृश्य और ISRO का सहयोग करने के लिए अपना उत्साह व्‍यक्‍त किया.

सुनीता विलियम्स का यह लंबा प्रवास विज्ञान के लिए एक अनमोल अवसर साबित हुआ. आईएसएस पर रहते हुए उन्होंने 150 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें 900 घंटे से ज्यादा समय रिसर्च में बिताया.

नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स ने स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल के साथ ISS से धरती की ओर अपनी वापसी शुरू की. यह मिशन बुधवार तड़के फ्लोरिडा तट पर समाप्त होगा.

डॉ. वी. नारायणन ने कहा, "हमने इसका 100 सेकंड तक सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. यह एक और ऐसी तकनीक है जो बहुत से देशों के पास नहीं है.

Sunita Williams और Butch Wilmore बीते 5 जून को बोइंग की पहली अंतरिक्ष यात्री उड़ान पर लगभग एक सप्ताह के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे. उनका मिशन सिर्फ 8 दिनों का था, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण ये समयसीमा लगातार बढ़ती गई.