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Sudan

पश्चिमी सूडान के एल फशर शहर में अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) के ड्रोन हमले में कम से कम आठ नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.यह हमला एक रिहायशी इलाके में किया गया.

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने अनुमान लगाया है कि अकेले अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ही सूडान के अंदर करीब 40,000 लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले साल अप्रैल में संघर्ष शुरू होने के बाद से सूडान में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की कुल संख्या करीब 8.2 मिलियन (82 लाख) हो गई है.

इन दिनों भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा अफ्रीका महाद्वीप के भी कई देशों में भारी बारिश हो रही है. वहां सूडान के 9 राज्य भारी बारिश के बाद पनपे संकट से जूझ रहे हैं.

Operation Kaveri: इसी तरह एक अन्य नागरिक ने कहा, "मैं भारत वापस आकर बहुत खुश हूं. सूडान में स्थिति बहुत खराब है."

Operation Kaveri: देवरिया निवासी संजय सिंह ने कहा, 'मैं गोलीबारी और बमबारी के बीच सूडान में फंसा हुआ था. मुझे ऐसा लग रहा था कि हम घर नहीं लौट पाएंगे."

सूडान से अब तक लगभग 3,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जिन्हें जेद्दा के रास्ते भारत लाया जा रहा है.

सूडान का घटनाक्रम तेजी से बदल रही दुनिया की उन खतरनाक चुनौतियों की ओर भी ध्यान खींचता है जो अब बार बार हमारे सामने आकर खड़ी हो रही हैं।

भारतीय वायु सेना के दो सी-130जे विमान वर्तमान में जेद्दा में स्टैंडबाय पर तैनात हैं, जबकि आईएनएस सुमेधा भी युद्धग्रस्त सूडान से भारतीयों को निकालने के लिए पोर्ट सूडान पहुंच गया है.