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Supreme Court India

सुप्रीम कोर्ट ने सिमी पर पांच साल का प्रतिबंध बढ़ाने के न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि सिमी युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5000 से अधिक सरकारी स्कूलों के मर्जर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है. याचिका में शिक्षा के अधिकार कानून के उल्लंघन का हवाला देते हुए मर्जर नीति को चुनौती दी गई है.

यमन में हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए जाने के बाद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा. यमन की अदालत ने उनकी सजा बरकरार रखी है.

सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़के के अपहरण मामले में तमिलनाडु के विधायक एम. जगन मूर्ति को राहत देते हुए 25 हजार रुपये की निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दी है. कोर्ट ने कहा कि वह जांच में सहयोग करें और गवाहों को प्रभावित न करें.

सुप्रीम कोर्ट ने बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर आदेश जारी नहीं कर सकते और याचिकाकर्ता को पटना हाई कोर्ट जाने की सलाह दी.

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस या जांच एजेंसियों द्वारा वकीलों को भेजे जा रहे समन पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. कोर्ट ने कहा कि वकीलों से उनके कानूनी कार्यों पर पूछताछ न्याय प्रणाली को कमजोर करेगी. मामला गुजरात के एक वकील को समन भेजे जाने से जुड़ा है.

नीतीश कटारा हत्या मामले में दोषी सुखदेव पहलवान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने 20 साल की सजा काट चुके पहलवान को 3 महीने की फरलो दी है और ट्रायल कोर्ट को शर्तें तय करने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने वजाहत खान की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है, जिनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हैं. कोर्ट ने केंद्र और छह राज्यों को नोटिस जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने सिंगल मदर के बच्चों को OBC प्रमाणपत्र देने से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग वाली याचिका पर केंद्र और सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा यह अहम मसला है और 22 जुलाई को अंतिम सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पारंपरिक स्वरूप में लौटते हुए कोर्ट नंबर 1 से 5 के बीच लगे ग्लास ग्लेजिंग को हटाने का फैसला लिया है. यह कदम सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड की आपत्तियों के बाद Chief Justice बी. आर. गवई के नेतृत्व में उठाया गया.