Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

women empowerment

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल को मंजूरी नहीं मिल पाई, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में विपक्ष पर निशाना साधा है.

मनोज तिवारी ने कहा- देश की आधी आबादी को हक नहीं मिला क्योंकि कांग्रेस और सहयोगी दल नहीं चाहते थे. नारी शक्ति वंदन बिल पास नहीं हुआ. लेकिन मोदी सरकार जल्द बहनों को 33% आरक्षण देगी.

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा नेता सी.पी. जोशी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस कानून को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। सी.पी. जोशी के मुताबिक यह अधिनियम देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा और उन्हें बराबरी का अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। इसको लेकर देखिए हमारे संवाददाता राजीव तिवारी की सी पी जोशी से खास बातचीत।

संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन महिला आरक्षण बिल पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में उत्तर-दक्षिण जैसी झूठी धारणाएं फैलाई जा रही हैं और संसद सभी राज्यों का समान प्रतिनिधित्व करती है.

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने महिला आरक्षण विधेयक को देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है.

यह किताब केवल अतीत की खोज नहीं है, बल्कि भारतीय नारीवाद की जड़ों को फिर से समझने और उसे आधुनिक बहस से जोड़ने का प्रयास है. लेखक मुकुल कुमार प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के जरिए यह दिखाते हैं कि भारत में महिलाएं हमेशा से शिक्षा, राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में परिसीमन बिल पर बोलते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा.

संसद विशेष सत्र 16 अप्रैल 2026: पीएम मोदी ने ऋग्वेद के श्लोक के साथ किया नारी शक्ति का वंदन. लोकसभा की 850 सीटों और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन पर आज संसद में मथेगा 'अमृत'.

भारत के विकास की कहानी तब तक अधूरी है जब तक उसमें महिलाओं की भूमिका को उचित स्थान नहीं दिया जाता. ‘नारी शक्ति से नव भारत तक’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र निर्माण का संकल्प है.