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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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Women

अदाणी विल्मार द्वारा संचालित फॉर्च्यून सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें लोगों को महिलाओं के प्रति सम्मान के साथ ही उनके अधिकारों के विषय में चर्चा की गई. कई महिलाओं ने अपनी जिन्दगी के सफर के सफलता के बारे में लोगों को बताया.

महिलाओं के घर से ही उनके सशक्तिकरण की शुरुआत होती है और सपनों को उड़ान मिलती है. भाजपा सरकार की पीएम-आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गेम-चेंजर रही हैं.

ऐसे समय में जब महिलाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, WMHSA 2024 एक बहु-विषयक दृष्टिकोण के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का जरिया बनेगा.

किसी ने किडनी चोरी करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया तो किसी ने महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को सबक सिखाया और समाज को संदेश दिया है कि महिलाएं पुरुषों से कमजोर नहीं हैं. अगर जो ठान लें तो वह हर बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकती हैं.

स्वास्थ्य और महिला उद्यम के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए फेलिक्स हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. रश्मि गुप्ता को केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। डॉ. रश्मि उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली हैं।

पश्चिम बंगाल में कालिंदी नदी के किनारे पर बसा एक छोटा और संवेदनशील गांव संदेशखाली बीते डेढ़ महीने से लगातार सुर्खियों में है. संदेशखाली गांव उत्तर 24 परगना जिले की सीमा रेखा के भीतर आता है. वहीं पर शाहजहां का काला-कानून चल रहा था -

Sandeshkhali Incident : पश्चिम बंगाल राज्य में संदेशखाली का मामला देशभर में चर्चा में है. वहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) के नेताओं और पुलिस पर आरोप हैं कि वे महिलाओं का यौन शोषण करने वालों पर कार्रवाई नहीं होने दे रहे और उन्हें शह दे रहे हैं.

संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर अत्याचार-यौन उत्पीड़न करने और जमीन कब्जाने जैसे आरोप लगाए हैं. लोगों की नजरें इस पर हैं कि वो दोषी पाए जाते हैं या नहीं, यदि दोषी सिद्ध होते हैं तो उन पर क्‍या कार्रवाई होगी?

Sandeshkhali Violence Case: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के शोषण को लेकर दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की थी.

सुप्रीम कोर्ट तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं से जुड़े एक अहम मामले पर फैसला सुनाएगा. यह सवाल उठता रहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ से तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को CrPC धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा करने की हकदार हैं या नहीं