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गंजापन अब दूर हो जाएगा! ताइवानी वैज्ञानिकों की बड़ी खोज- सिर पर 20 दिन में उग आएंगे बाल, परीक्षण सफल

TAIWAN HAIR REGROWTH BREAKTHROUGH: नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ओलिक और पामिटोलिक फैटी एसिड से बना नया टॉपिकल सीरम मात्र 20 दिनों में सुप्त पड़े हेयर फॉलिकल्स को सक्रिय कर दोबारा बाल उगा सकता है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दुनिया भर में करोड़ों पुरुष और महिलाएं बाल झड़ने और गंजेपन (Hair Loss) की समस्या से परेशान हैं. बाजार में अनगिनत हेयर ऑयल, शैंपू और दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर सटीक और संतोषजनक नतीजे देने में नाकाम रहे हैं. अब ताइवान के वैज्ञानिकों ने गंजेपन के स्थायी इलाज की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी उम्मीद जगाई है.

नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी (NTU) के शोधकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने ऐसी तकनीक और फार्मूला तैयार किया है, जिसके इस्तेमाल से मात्र 20 दिनों में दोबारा बाल उगने शुरू हो सकते हैं.

कैसे काम करता है यह ‘मैजिक सीरम’?

प्रतिष्ठित जर्नल सेल मेटाबॉलिज्म (Cell Metabolism) में प्रकाशित इस शोध का नेतृत्व प्रोफेसर सुंग-जन लिन ने किया है.

शोधकर्ताओं ने पाया कि जब त्वचा के नीचे मौजूद फैट सेल्स (वसा कोशिकाएं) विशेष प्रकार के फैटी एसिड रिलीज करती हैं, तो वे सिर की सुप्त (dormant) पड़ी हेयर फॉलिकल स्टेम सेल्स को ऊर्जा देकर फिर से सक्रिय (Growth Phase) कर देती हैं.

वैज्ञानिकों ने दो प्रमुख मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड — ओलिक एसिड (Oleic Acid) और पामिटोलिक एसिड (Palmitoleate) को मिलाकर एक विशेष टॉपिकल सीरम तैयार किया:

चूहों पर परीक्षण: प्रयोग के दौरान चूहों पर यह सीरम लगाने के मात्र 7वें दिन स्टेम सेल्स सक्रिय हुए, 10वें दिन नए बाल दिखने लगे और 20वें दिन तक काफी मात्रा में घने बाल उग आए.

सुरक्षित विकल्प: चूंकि ये फैटी एसिड प्राकृतिक रूप से मानव शरीर और कई वनस्पति तेलों में पाए जाते हैं, इसलिए इन्हें इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना जा रहा है.

इंसानी स्कैल्प पर क्लिनिकल ट्रायल की तैयारी

प्रोफेसर लिन ने बताया कि शुरुआत में जब त्वचा में हल्की चोट या जलन होती थी, तब इम्यून सेल्स के संकेत पर फैट एसिड रिलीज होते थे और बाल उगते थे. वैज्ञानिकों ने बिना चोट पहुंचाए सीधे सीरम लगाकर वही असर हासिल करने में सफलता पाई है.

शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में मानव हेयर फॉलिकल्स (Human Hair Tissues) पर भी सकारात्मक नतीजे देखे हैं और इस सीरम का पेटेंट भी करा लिया है. प्रोफेसर लिन ने खुद अपने पैर पर इसका छोटा सा सेल्फ-टेस्ट किया, जहां नए बाल उगते देखे गए. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अब इंसानी सिर (Human Scalp) पर इसके बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल और सटीक डोज टेस्टिंग की योजना बनाई जा रही है.

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