इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी सूरज कुमार को सशर्त जमानत दे दी है. अदालत ने यह आदेश पीड़िता के बयानों में आए विरोधाभास को ध्यान में रखते हुए दिया है. आरोपी 12 मार्च 2025 से न्यायिक हिरासत में था.
यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने सूरज कुमार की अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है. अर्जी पर अधिवक्ता अक्षय कुमार सिंह व ऋतेश कुमार सिंह ने बहस की. इनका कहना था कि पीड़िता ने स्वयं ही कहा है कि ब्लीडिंग हो रही थी,सड़क किनारे छोड़ दिया जहां से पुलिस ले आई. पीड़िता ने यह भी बताया कि उसने अपने पिता से नाराज होकर घर छोड़ दिया था.
अधिवक्ताओं का यह भी कहना था कि मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर को दिए गए बयान में पीड़िता ने सहमति की बात कही, जबकि एफआईआर, विवेचना अधिकारी और मजिस्ट्रेट को दिए गए बयानों में तथ्य अलग-अलग हैं.
गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ मिर्जापुर के कोतवाली चुनार में एफआईआर दर्ज की गई है. पीड़िता की मां का आरोप है कि सूरज कुमार ने 6 मार्च 2025 को उसकी 12 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया. याची पक्ष का यह भी कहना था कि घटना के बाद एफआईआर दर्ज करने में तीन दिन की देरी हुई, जिससे मामले की सत्यता पर संदेह उत्पन्न होता है.
-भारत एक्सप्रेस
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