इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती 2018 के कुछ सवालों पर आपत्ति को लेकर दाखिल 66 याचिकाओं में से केवल तीन पर पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया है, जबकि शेष 63 याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं. कोर्ट ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि अधिकांश याचियों की आपत्ति जांच के बाद अंक बढ़ाने योग्य नहीं पाई गई.
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने प्रशांत राय समेत 66 याचिकाओं की सामूहिक सुनवाई के दौरान दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि प्रश्नपत्र और उत्तरकुंजी विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की जाती है और न्यायालय को इस प्रकार के मामलों से यथासंभव दूरी बनाए रखनी चाहिए.
याचियों का कहना था कि अगर उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाता, तो उनके अंक बढ़ सकते थे और वे निर्धारित कटऑफ से ऊपर पहुंचकर चयनित हो सकते थे. सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 67 अंक और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 60 अंक निर्धारित है. कई याचियों को 60 अंक प्राप्त हुए थे.
इस मामले से पहले अनिरुद्ध नारायण शुक्ल केस और राधा देवी केस में भी हाईकोर्ट ने आपत्तियों पर विचार कर पुनर्मूल्यांकन और सही परिणाम घोषित करने के आदेश दिए थे. इन आदेशों के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अपील और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल SLP भी खारिज हो चुकी है.
अनिरुद्ध नारायण शुक्ल केस के आधार पर 66 याचियों ने आपत्तियां दाखिल की थीं, जिनमें से 15 के अंक बढ़े, लेकिन सिर्फ तीन ही कटऑफ के पास पहुंचे. बाकी 51 याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी थीं. शेष 15 में से 3 याचियों को पुनर्मूल्यांकन का लाभ मिला, जबकि 11 याचिकाएं पुनर्मूल्यांकन के बाद भी कटऑफ पार नहीं कर सकीं, जिस कारण उन्हें भी खारिज कर दिया गया.
-भारत एक्सप्रेस
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