AMU Fake Doctor: अलीगढ़/प्रकाश सिंह: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) स्थित जेएन मेडिकल कॉलेज में एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है. यहां मेडिकल स्टाफ ने एक ‘फर्जी डॉक्टर’ को रंगे हाथों पकड़ा है, जो गले में आला (Stethoscope) डालकर तीमारदारों और मरीजों को अपने जाल में फंसाता था. पकड़े गए आरोपी की पहचान संभल निवासी मोहम्मद इस्लाम के रूप में हुई है.
इस घटना ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा और मरीजों की जान के साथ हो रहे खिलवाड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपी का मुख्य काम भोले-भाले मरीजों को बरगलाकर कमीशन के लालच में प्राइवेट अस्पतालों में भेजना था.
कैसे खुला फर्जी डॉक्टर का राज?
जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कोई व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में शिफ्ट करने का दबाव बनाता है. स्टाफ की सतर्कता: इन शिकायतों के आधार पर मेडिकल स्टाफ अलर्ट हो गया था. जैसे ही मोहम्मद इस्लाम दोबारा मरीजों को बरगलाने की कोशिश कर रहा था, जेएन मेडिकल कॉलेज के असली डॉक्टरों और स्टाफ ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.
क्या-क्या हुआ बरामद?
जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसकी हकीकत सामने आ गई. आरोपी के पास से कई सर्जिकल ब्लेड, मोबाइल में मरीजों के दर्जनों पर्चे (Slips) और शहर के कई प्राइवेट डॉक्टरों के नंबर बरामद हुए हैं.
प्रॉक्टर टीम ने पुलिस को सौंपा (AMU Fake Doctor Arrested)
फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने के बाद मेडिकल कॉलेज स्टाफ ने उसे तुरंत एएमयू प्रॉक्टर टीम (AMU Proctor Naved Khan) के हवाले कर दिया. एएमयू के प्रॉक्टर मोहम्मद नवेद खान ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए थाना सिविल लाइन में आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है.
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थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी मोहम्मद इस्लाम को हिरासत में ले लिया है और उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ‘कमीशनखोरी’ के रैकेट में शहर के कौन-कौन से प्राइवेट अस्पताल और अन्य दलाल शामिल हैं.
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