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बरसाना में खेली जा रही लठामार होली: 20 लाख श्रद्धालु जुटे, गलियां अबीर-गुलाल से हुईं रंगीली, 5 हजार साल से ज्‍यादा पुरानी परंपरा

बरसाना में लट्ठमार होली का विश्‍व प्रसिद्ध उत्सव मनाया जा रहा है. लगभग 20 लाख श्रद्धालु रंगों में नहाने चले आए हैं, हजारों ढोल-नगाडों की धुन पर झूम रहे हैं.

श्रीराधा की नगरी बरसाना में आज वर्ल्‍डफेमस प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जा रही है. यहां सुबह से ही गली-चौबारे श्रद्धालुओं से भरने लगे. हर तरफ अबीर और गुलाल उड़ रहा है. रंगों से रंगे लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूम रहे हैं. लोग होली के गीत गा रहे हैं और रंगों में रंगकर खुशी मना रहे हैं.

प्रशासन का अनुमान है कि इस बार करीब 20 लाख श्रद्धालु यहां आ रहे हैं. इनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. भीड़ देखकर ऐसा लग रहा है कि पिछले सालों के रिकॉर्ड टूट गए हैं.

बरसाना वो गांव है, जहां श्रीराधा के पिता वृषभानु गोप रहते थे. वहीं, पास के नंदगांव में श्रीकृष्ण का बचपन बीता. नंदगांव श्रीकृष्ण के पिता नंद के नाम पर बसा है. यहां 5 हजार साल से ज्यादा समय से होली खेली जाती है. राधा और कृष्ण ने 12-13 साल की उम्र तक यहां खेला था. पास के गांवों में रात को रासलीला होती थी.

सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था

प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बड़े इंतजाम किए. हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी और एंटी रोमियो टीम तैनात की गई हैं. एक रंगीली गली में पुलिसवालों के साथ महिलाओं ने लट्ठमार होली खेली. नंदगांव से आए हुरियारे पीली पोखर पर पहुंचे. वहां उनका स्वागत किया गया. वे भगवान कृष्ण के स्वरूप की ध्वजा श्रीजी मंदिर ले गए. मंगलवार को राधारानी मंदिर में लड्डूमार होली खेली गई थी.

लट्ठमार होली की खासियत

लट्ठमार होली इसलिए खास है क्योंकि यह राधा-कृष्ण की परंपरा से जुड़ी है. बरसाना राधा रानी का जन्मस्थान है. नंदगांव से हुरियारे 8 किलोमीटर दूर बरसाना आते हैं. वे कुंज और रंगीली गलियों से 3 किलोमीटर पैदल चलते हैं. गलियों में महिलाएं लाठियां मारती हैं. पुरुष ढाल से बचते हैं. यह दृश्य बहुत मनोरम है. दुनिया भर से पर्यटक इसे देखने आते हैं. 26 फरवरी को नंदगांव में लट्ठमार होली होगी.

हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा

अभी कुछ देर पहले ही बरसाना में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा हुई. बरसाना के पूर्व चेयरमैन वेजराज सिंह ने बताया कि वे 16 साल से हेलीकॉप्टर से फूल बरसाते हैं. उन्‍होंने कहा- यह राधा रानी की कृपा है. फूल राधा रानी के मंदिर, ब्रजवासियों, गोस्वामियों, साधु-संतों और भक्तों पर बरसाए जाते हैं. हर साल यह किया जाता है. वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं.

यहां सीएम योगी कई बार होली का उत्‍सव देखने आ चुके हैं. पिछले साल उन्‍होंने श्रद्धालुओं पर 15 से 20 फूलों की टोकरियों से फूल बरसाए थे.

बरसाना की गलियों में यादव समाज बड़े ढोल पर थिरकते नजर आए. 8-10 लोग मिलकर ढोल बजा रहे थे. भारत एक्सप्रेस के यूट्यूब चैनल पर पूरा वीडियो देखा जा सकता है. वेबसाइट पर पिछले दिनों की होली कवरेज उपलब्ध है.

झांझरा बजाकर होली गीत गा रहे श्रद्धालु

रंगीली चौक पर ढोल-नगाड़ों पर हुरियारे थिरकते दिखे, वहां पारंपरिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. कुर्सियां और स्टेज लगाए गए हैं. पुलिस फोर्स तैनात है. रंगीली गलियों में नगाड़े के साथ होली खेली जा रही है. हुरियारे पहुंचते ही बड़ा ढोल बजने लगा. श्रद्धालु झांझरा बजाकर होली गीत गा रहे हैं.

नंदगांव से आए हुरियारे परंपरागत गीत गाते नाच रहे हैं. पीली पोखर से आगे बढ़कर उन्होंने सिर पर पगड़ी बंधवाई. ढोल-मंजीरे पर ठुमके लगाए. वे एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशियां मनाते दिखे.

भारत एक्सप्रेस पर होली स्पेशल कवरेज

भारत एक्सप्रेस पर होली की पूरी कवरेज देखने के लिए टैग पर क्लिक करें. https://bharatexpress.com/tag/holi-2026. हमारी वेबसाइट पर होली स्पेशल में 100 से ज्यादा आर्टिकल्स पब्लिश होंगे. यह उत्सव ब्रज की संस्कृति को जीवंत रखता है. लाखों लोग हर साल यहां आकर राधा-कृष्ण की लीला का हिस्सा बनते हैं.

ये भी पढ़ें- बरसाना की वर्ल्‍ड फेमस लट्ठमार होली आज; श्रीजी मंदिर और रंगीली गलियों में उमड़े लाखों श्रद्धालु, हुरियारिन बरसा रहीं लाठियां

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-भारत एक्सप्रेस



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